Wednesday, 30 September 2026 | 4:42 AM
भारत

बिहार विधान परिषद अध्यक्ष अवधेश नारायण का इस्तीफा, डॉ रामवचन राय सभापति का कार्यभार संभालेंगे

बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपना पूरा कार्यकाल पूरा किए बगैर 28 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। अब उनकी जगह उप सभापति डॉ राम वचन राय सभापति की कुर्सी संभालेंगे।
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बिहार विधान परिषद अध्यक्ष अवधेश नारायण का इस्तीफा, डॉ रामवचन राय सभापति का कार्यभार संभालेंगे
बिहार विधान परिषद अध्यक्ष अवधेश नारायण का इस्तीफा
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पटना से द दस्तक 24 की रिपोर्ट 

बिहार विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने अपना पूरा कार्यकाल पूरा किए बगैर 28 सितंबर को अपने पद से इस्तीफा दे दिया।  अब उनकी जगह उप सभापति डॉ राम वचन राय सभापति की कुर्सी संभालेंगे।
बीच में ही भाजपा से जुड़े अवधेश नारायण सिंह जी को सभापति के पद से इस्तीफा क्यों। दिया ,इसपर चर्चा का बाजार गर्म है।जितनी मुंह उतनी बातें। पर चर्चा का मुख्य बात सामने आ रही है कि पूर्व मुख्यमंत्री श्री नीतीश कुमार जी बिहार के राजनीति में अभी भी काफी पकड़ है। यह सब जनता दल यूनाइटेड को मजबूत बनाने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।
अवधेश नारायण सिंह को बिहार विधान परिषद के आसान पर चार बार बैठने का मौका मिला। दो बार चुनाव के माध्यम से बने और दो बार मुख्यमंत्री और राज्यपाल की अनुकंपा से संविधान की धारा 184 (1 ) के तहत कार्यकारी सभापति बने। संयोग ही रहा कि उन्होंने अपना कार्यकाल कभी पूरा नहीं किया। उन्हें बीच मजधार में कुर्सी मिली या समय से पहले कुर्सी छोड़ देनी पड़ी। लेकिन इससे पहले कभी इस्तीफा देने की नौबत नहीं आयी। वे भाजपा में रहते हुए नीतीश कुमार के सबसे भरोसेमंद व्यक्ति थे और यही भरोसा बदली हुई राजनीतिक परिस्थिति में उनके लिए अभिशाप बन गया। 
अवधेश नारायण सिंह पहली बार 8 अगस्त, 2012 को सभापति बने थे। पहली बार पदभार ग्रहण से लेकर अब तक वे लगभग 9 साल सभापति के आसन पर विराजमान रहे। लेकिन विधान परिषद के इतिहास में संभवतः पहली बार किसी सभापति को अपने पद इस्तीफा देना पड़ा है। सामान्य रूप से उनका कार्यकाल जुलाई, 2030 तक था।  अवधेश नारायण सिंह पहले व्यक्ति हैं, जिन्होंने पिछले 45-46 वर्षों के इतिहास में सभापति पद से इस्तीफा दिया है। 
 अवधेश नारायण सिंह का पहला टर्म परिषद का कार्यकाल पूरा होने के साथ 8 मई, 2017 को समाप्त हो गया था। इस कारण वे स्वतः पदमुक्त हो गये। हालांकि वे चुनाव में निर्वाचित हो गये थे। 
अवधेश नारायण सिंह के इस्तीफे की प्रक्रिया भी निराली है। संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार, सभापति उपसभापति को अपना इस्तीफा सौंपेंगे। इसका साधारण मतलब यह हुआ कि सभापति उपसभापति के चैंबर में जाकर इस्तीफा सौंपेंगे। लेकिन पटना में हुआ इसके विपरीत। उपसभापति सभापति के चैंबर में आये और तब सभापति ने उन्हें अपना इस्तीफा सौंपा।