Monday, 28 September 2026 | 9:11 AM
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गया: पितृपक्ष-मेला-में-उमड़ा-पिंड-दानियों-की-भीड़

पिंड दानियों की सुरक्षा व्यवस्था में जिला प्रशासन मुस्तैद
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गया: पितृपक्ष-मेला-में-उमड़ा-पिंड-दानियों-की-भीड़
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गयाजी में लगनेवाले पितृपक्ष मेला  में रविवार को करीब 4 लाख श्रद्धालु और पिंडदानी आए। प्रेतशिला, रामशिला, सीताकुंड, देवघाट, विष्णुपद मंदिर समेत विभिन्न पिंडवेदियों पर  श्रद्धालुओं ने पिंडदान एवं धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। इसके साथ ही मेला शुरू होने से अब तक गयाजी पहुंचने वाले श्रद्धालुओं की कुल संख्या 4 लाख 60 हजार 200 हो गई है।
जिन्हें आत्मा–पुनर्जन्म, स्वर्ग नरक में विश्वास है वे लाखों की संख्या में गयाजी पहुंच कर अपने पूर्वजों को पिंड दान कर रहे हैं। हालांकि मगध क्षेत्र में रहने वाले बहुत कम ही पिंड दान करते हैं।ज्यादा तर लोग दूसरे राज्यों और देशों के आते हैं।
पिंड दानियों की सुरक्षा, आवासन और सुविधाओं के लिए जिला प्रशासन मुस्तैद है।
मेला प्रशासन के अनुसार, रविवार को 9 हजार 768 तीर्थयात्रियों ने चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाया। अब तक कुल 11 हजार 471 श्रद्धालुओं का उपचार किया जा चुका है। वहीं 70 लोगों ने व्हीलचेयर सेवा का लाभ लिया, जिससे लाभार्थियों की कुल संख्या बढ़कर 98 हो गई है।

खोया पाया केंद्र ने अपनों से बिछड़े परिवार में से 87 बिछड़े लोगों को उनके परिजनों से मिलाया। अब तक कुल 101 लोगों को उनके परिवारों से मिलाया जा चुका है।

गांधी मैदान स्थित टेंट सिटी में रविवार को 781 श्रद्धालुओं ने आवासन किया। इसके साथ ही यहां ठहरने वाले यात्रियों की कुल संख्या 992 पहुंच गई है। वहीं श्रद्धालुओं के बीच 4 हजार 546 गंगाजल पैकेट वितरित किए गए, जबकि अब तक कुल 4 हजार 898 पैकेट गंगाजल का वितरण किया जा चुका है।

पर्यावरण संरक्षण के उद्देश्य से संचालित पितृवाटिका अभियान के तहत रविवार को 33 पौधे लगाए गए। अब तक कुल 74 पौधारोपण किए जा चुके हैं। मेला प्रशासन द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा, स्वास्थ्य, आवासन और सुरक्षा के लिए व्यापक व्यवस्था की गई है।
जिला प्रशासन के अलावा भी कई अन्य स्वयं सेवी संस्थाएं गयाजी में आने वाले यात्रियों की सेवा में जुटे हुए हैं लाचार और विवश लोगों के लिए डोली खटोली की भी व्यवस्था की गई है।