Wednesday, 14 October 2026 | 4:58 AM
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न्यायमित्रों ने अपने लिए मांगा न्याय

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न्यायमित्रों ने अपने लिए मांगा न्याय
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18 वर्षों से मात्र 7 हजार प्रतिमाह में गुजारा करने को मजबूर है न्याय मित्र 
–मंत्री जी को प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन
नवादा से द दस्तक 24 प्रतिनिधि उपेन्द्र पथिक द्वारा 
नवादा, आज 13 अक्टूबर : न्यायमित्रों ने आज अपने लिए न्याय की गुहार मंत्रीजी से लगाया और कहा कि पिछले 18 वर्षों से मात्र 7 हजार रुपए प्रतिमाह पर गुजारा करने पर विवश हैं।जबकि अन्य विभागों में कार्यरत संविदाकर्मी का मानदेय बढ़ चुका है।

बिहार राज्य न्याय मित्र संघ के प्रतिनिधिमंडल ने माननीय उपमुख्यमंत्री महोदय, माननीय स्वास्थ्य मंत्री महोदय एवं माननीय पंचायती राज मंत्री महोदय को  ज्ञापन  एनडीए के द्वारा आयोजित गांधी स्कूल स्थित कार्यक्रम में सौंपा गया।


ज्ञापन में कहा गया है कि ग्राम कचहरी में कार्यरत न्याय मित्र अनिवार्य रूप से विधि स्नातक (डबल ग्रेजुएट/LLB) हैं, इसके बावजूद वे 18 वर्षों से सिर्फ ₹7,000 मासिक पर कार्य करने को मजबूर हैं: जबकि इसी समयावधि में संविदा पर बहाल शिक्षा विभाग एवं अन्य विभागों के कर्मियों का मानदेय वर्तमान में ₹30,000 से लेकर ₹60,000 तक हो चुका है, न्याय मित्रों के साथ घोर आर्थिक असमानता बरती जा रही है।
ज्ञापन सौंपने वालों में  आदित्य राज मेधावी (प्रदेश उपाध्यक्ष, जदयू विधि प्रकोष्ठ), राजकुमार (अधिवक्ता एवं अध्यक्ष, बिहार राज्य न्याय मित्र संघ नवादा), प्रमोद कुमार (अधिवक्ता एवं महासचिव, बिहार राज्य न्याय मित्र संघ, नवादा) शामिल थे।
ज्ञापन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए माननीय पंचायती राज मंत्री जी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि न्याय मित्रों के वेतन/मानदेय से जुड़े इस संवेदनशील मामले को गंभीरता से देखा जाएगा और इसमें बढ़ोतरी की जाएगी। साथ ही उन्होंने संगठन को निर्देश दिया है कि "पूरे बिहार की कोर टीम एक बार पटना स्थित सरकारी आवास पर आकर विस्तार से बैठक करे" ताकि इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके।
संघ के नेतृत्व ने इस सकारात्मक आश्वासन के लिए माननीय मंत्री महोदय का आभार व्यक्त किया है और जल्द ही पूरे बिहार की टीम के साथ पटना में अगली रणनीति और बैठक की रूपरेखा तैयार की जाएगी।