Wednesday, 14 October 2026 | 4:02 AM
राजनीति

दिल्ली प्रोटेस्ट : राहुल गांधी की SC में याचिका हुई दायर , 10 बड़ी डिमांड क्या?

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दिल्ली प्रोटेस्ट :  राहुल गांधी की SC में याचिका हुई दायर , 10 बड़ी डिमांड क्या?
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कांग्रेस नेता राहुल गांधी और इंडिया ब्लॉक के अन्य नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है. उन्होंने अपनी याचिका में एसआईआर पर रोक और चुनाव प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों पर कार्रवाई की मांगी की है. राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट से चुनाव आयोग से जुड़े फैसलों में 10 तरह की राहत मांगी है.

SIR से संबंधित सभी रिकॉर्ड पेश करने का निर्देश

याचिका में कोर्ट से कहा गया है कि चुनाव आयोग को एसआईआर से जुड़ी पूरी फाइलें, समझौते बैठकों के मिनट्स, आपत्तियों के रिकॉर्ड और 24 जून 2025 को यह प्रक्रिया शुरू करने के फैसले से जुड़ी ECINET व ERONET एक्सेस लॉग पेश करने का निर्देश दिया जाए.

SIR फैसलों की संवैधानिक वैधता की जांच

राहुल गांधी ने याचिका में मांग की है कि अदालत जांच करें क्या विवादित फैसले मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्त  अधिनियम, 2023 के अनुच्छेद 324, धारा 18 और सुप्रीम कोर्ट के पहले के फैसलों के सिद्धांत का पालन करते हैं.

जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई
मतदाता सूची तैयार करने और उसमें संशोधन से जुड़े संवैधानिक या कानूनी प्रावधानों का उल्लंघन करने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करने के निर्देश जारी किए जाने चाहिए. इसमें जरूरत पड़ने पर 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950' की धारा 32 के तहत की जाने वाली कार्रवाई भी शामिल होनी चाहिए.

याचिकाकर्ता की शिकायतों का समाधान
चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वो मौजूदा याचिका और उससे जुड़े मामलों पर उचित फैसले ले और यह सुनिश्चित करे कि SIR के संबंध में चुनाव आयोग का हर निर्णय 2023 के अधिनियम की धारा 18 के अनुसार लिया जाए और उसका उचित रिकॉर्ड रखा जाए.

ऑनलाइन फॉर्म-6 में नियमों का पालन हो
चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया जाना चाहिए कि ऑनलाइन फॉर्म-6, 'मतदाता पंजीकरण नियम, 1960' के तहत तय फॉर्म के अनुरूप हो. तय फॉर्म से अलग कोई भी बदलाव तब तक नहीं किया जाना चाहिए जब तक कि लागू प्रक्रिया का पालन करते हुए नियमों में विधिवत संशोधन न किया जाए.

स्वतंत्र समिति से ऑडिट की मांग
सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाना चाहिए. इसमें तकनीकी विशेषज्ञ और प्रतिष्ठित नागरिक भी शामिल होने चाहिए.

SIR के दौरान हटाए गए वोटरों के नाम और कारण सार्वजनिक करें
चुनाव आयोग को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वह SIR के दौरान वोटर लिस्ट से हटाए गए सभी वोटरों के नाम बूथ-वार सार्वजनिक करे. इसके साथ ही हर वोटर का नाम हटाने का कारण, हटाए गए नामों का लिंग और उम्र के आधार पर वर्गीकरण. वोटर लिस्ट में शामिल होने के योग्य पाए जाने वाले वोटरों को दोबारा शामिल करने के लिए एक असरदार और काम करने वाला सिस्टम.

बिना नोटिस और सुनवाई के नाम न हटाने का निर्देश
कानून के अनुसार नोटिस दिए बिना और सुनवाई का उचित मौका दिए बिना वोटर लिस्ट से किसी भी वोटर का नाम न हटाएं. पंजाब और अन्य राज्यों में जहां चुनाव होने हैं, वहां योग्य लोगों को कानून द्वारा तय कट-ऑफ तारीख तक वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

SIR प्रक्रिया पर अंतरिम रोक की मांग
जब तक मौजूदा याचिका में उठाए गए मुद्दों पर विचार और फैसला नहीं हो जाता, तब तक सभी राज्यों में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविज़न (SIR) प्रक्रिया को रोकने के लिए एक अंतरिम आदेश जारी किया जाना चाहिए.

उचित आदेश जारी करने की मांग
कोर्ट से निवेदन किया गया कि मामले के तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कोई अन्य या अतिरिक्त आदेश पारित करे, जिसे वह चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता और हर पात्र नागरिक के मतदान के अधिकार की रक्षा के लिए उचित और आवश्यक समझे.