Thursday, 29 October 2026 | 3:50 PM
उत्तर प्रदेश

जनगणना 2027 की तैयारी तेज, गंजडुंडवारा में 50 प्रगणक और 7 पर्यवेक्षकों को दिया प्रशिक्षण

मकान सूचीकरण से लेकर जाति गणना तक की दी जानकारी, 16 नवंबर से शुरू होगी स्व-गणना की प्रक्रिया
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जनगणना 2027 की तैयारी तेज, गंजडुंडवारा में 50 प्रगणक और 7 पर्यवेक्षकों को दिया प्रशिक्षण

गंजडुंडवारा (कासगंज)। जनगणना 2027 के दूसरे चरण की तैयारियों को लेकर नगर पालिका परिषद गंजडुंडवारा में तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। 26 से 28 अक्टूबर तक चले प्रशिक्षण में 50 प्रगणकों और सात पर्यवेक्षकों को जनगणना से जुड़ी बारीकियों की जानकारी दी गई। एसडीएम एवं ईओ मुहम्मद नासिर के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में सही, पारदर्शी और त्रुटिरहित गणना पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर संजय यादव और शिव कुमार ने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना की प्रक्रिया विस्तार से समझाई। उन्हें पात्र व्यक्तियों की गणना, मकान सूचीकरण, बेघर लोगों की गिनती, जाति संबंधी विवरण, आर्थिक स्थिति, मातृभाषा, दिव्यांगता, साक्षरता और प्रजनन दर से संबंधित सूचनाएं दर्ज करने की जानकारी दी गई। इसके साथ ही गणना में दोहराव से बचने और प्रत्येक पात्र व्यक्ति को शामिल करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।

प्रशिक्षकों ने स्पष्ट किया कि जनगणना के दौरान जुटाई जाने वाली सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखना बेहद जरूरी है। प्रगणकों को निर्देश दिए गए कि वे प्रत्येक व्यक्ति का विवरण सावधानीपूर्वक दर्ज करें, ताकि किसी की गणना छूटने या एक ही व्यक्ति की दो बार गिनती होने की स्थिति पैदा न हो। प्रशिक्षण में स्व-गणना की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से बताया गया, जिसके तहत नागरिक स्वयं अपनी जानकारी भर सकेंगे।

1 दिसंबर से शुरू होगा जनगणना का दूसरा चरण

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, जनगणना का दूसरा चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक चलेगा। इससे पहले 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक स्व-गणना की प्रक्रिया संचालित की जाएगी। इस दौरान नागरिक स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत जनगणना संबंधी कार्य आगे बढ़ाया जाएगा।

जिला जनगणना सेल कासगंज की ओर से आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम को जिलाधिकारी प्रणय सिंह और जिला जनगणना अधिकारी आलोक कुमार गुप्ता के निर्देशों के क्रम में संचालित किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने के लिए तैयार करना है, ताकि जनगणना के दौरान आंकड़ों की शुद्धता, कार्य में एकरूपता और सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित की जा सके।