Thursday, 29 October 2026 | 11:40 AM
उत्तर प्रदेश

जनगणना 2027 की तैयारी तेज, गंजडुंडवारा में 57 कर्मियों को दिया प्रशिक्षण

50 प्रगणक और 7 पर्यवेक्षक हुए प्रशिक्षित, स्व-गणना से लेकर गोपनीयता बनाए रखने तक की दी जानकारी
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जनगणना 2027 की तैयारी तेज, गंजडुंडवारा में 57 कर्मियों को दिया प्रशिक्षण

गंजडुंडवारा (कासगंज)। जनगणना 2027 की तैयारियों को लेकर गंजडुंडवारा में प्रशासन ने प्रशिक्षण प्रक्रिया पूरी कर ली है। नगर पालिका परिषद के कक्ष में 26 से 28 अक्टूबर तक चले तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में 50 प्रगणकों और सात पर्यवेक्षकों को जनगणना संबंधी कार्यों की बारीकियां समझाई गईं। एसडीएम एवं ईओ मुहम्मद नासिर के निर्देशन में आयोजित प्रशिक्षण में सही आंकड़े जुटाने, प्रत्येक पात्र व्यक्ति को गणना में शामिल करने और सूचनाओं की गोपनीयता बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।

प्रशिक्षण के दौरान फील्ड ट्रेनर संजय यादव और शिव कुमार ने प्रगणकों एवं पर्यवेक्षकों को जनगणना की प्रक्रिया विस्तार से समझाई। उन्हें मकान सूचीकरण, बेघर लोगों की गणना, जाति संबंधी विवरण, आर्थिक स्थिति, मातृभाषा, दिव्यांगता, साक्षरता और प्रजनन दर से जुड़ी जानकारी दर्ज करने के तरीके बताए गए। साथ ही गणना में दोहराव रोकने और किसी भी पात्र व्यक्ति का विवरण छूटने से बचाने के लिए आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षकों ने स्व-गणना की प्रक्रिया पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। इसके तहत नागरिक निर्धारित अवधि में स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकेंगे। प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को निर्देशित किया गया कि वे प्रत्येक विवरण को सावधानीपूर्वक दर्ज करें और जनगणना से संबंधित सूचनाओं की गोपनीयता सुनिश्चित करें।

1 दिसंबर से 4 जनवरी तक चलेगा जनगणना का दूसरा चरण

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, स्व-गणना की प्रक्रिया 16 नवंबर से 30 नवंबर 2026 तक चलेगी। इसके बाद जनगणना का दूसरा चरण 1 दिसंबर 2026 से 4 जनवरी 2027 तक संचालित किया जाएगा। इस अभियान में नागरिकों की सहभागिता और गणना कर्मियों की सतर्कता महत्वपूर्ण रहेगी।

जिला जनगणना सेल कासगंज की ओर से आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम जिलाधिकारी प्रणय सिंह और जिला जनगणना अधिकारी आलोक कुमार गुप्ता के निर्देशों के क्रम में संपन्न हुआ। प्रशिक्षण का उद्देश्य जनगणना कार्य को व्यवस्थित, सटीक और प्रभावी ढंग से पूरा करने के लिए कर्मियों को तैयार करना है, ताकि आंकड़ों में त्रुटि और दोहराव की संभावना कम हो तथा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य संपन्न कराया जा सके।