Thursday, 29 October 2026 | 11:39 AM
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गया: आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को लेकर बैठक

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गया: आधुनिक और वैज्ञानिक खेती को लेकर बैठक

    गया जिले के किसानों को आधुनिक एवं उन्नत कृषि तकनीकों से अवगत कराने, वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के लिए प्रोत्साहित करने तथा कृषि उत्पादन एवं किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से जिला प्रशासन, गया द्वारा एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। इस पहल के तहत जिले के किसानों को देश के प्रतिष्ठित कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर प्रदान किया जा रहा है।
      इस संबंध में आज समाहरणालय सभागार में जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में किसानों को विभिन्न प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण हेतु भेजने, आवेदन प्रक्रिया तथा प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन से संबंधित विषयों पर चर्चा की गई।
      इस पहल के माध्यम से जिले के किसान आधुनिक कृषि तकनीकों, वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों, मोटे अनाज (मिलेट्स) की उन्नत खेती, समेकित कृषि प्रणाली एवं प्राकृतिक खेती के संबंध में व्यावहारिक जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद किसान इन तकनीकों का उपयोग अपने खेतों में कर सकेंगे, जिससे कृषि उत्पादन एवं उत्पादकता में वृद्धि के साथ-साथ खेती को अधिक लाभकारी बनाने में मदद मिलेगी।
   *वर्तमान में दो संस्थानों में प्रशिक्षण की व्यवस्था*
     जिला प्रशासन द्वारा फिलहाल दो प्रतिष्ठित कृषि संस्थानों में किसानों के प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है। प्रशिक्षण कार्यक्रमों का विवरण निम्नलिखित है—
*1. विवेकानंद पर्वतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, अल्मोड़ा*
    इस संस्थान में दिनांक 16 नवंबर से 20 नवंबर 2026 तक किसानों को मिलेट्स (मोटे अनाज) की वैज्ञानिक खेती का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इस दौरान किसानों को मोटे अनाज की उन्नत खेती एवं वैज्ञानिक कृषि पद्धतियों से संबंधित जानकारी प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

   *2. महात्मा गांधी समेकित कृषि अनुसंधान संस्थान, पिपराकोठी, मोतिहारी*
    इस संस्थान में किसानों के लिए दो प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित किए गए हैं—
*समेकित कृषि प्रणाली:* 23 नवंबर से 27 नवंबर 2026 तक।
*प्राकृतिक खेती:* 7 दिसंबर से 11 दिसंबर 2026 तक।
      इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को समेकित कृषि प्रणाली अपनाने तथा प्राकृतिक खेती की तकनीकों को समझने का अवसर मिलेगा। इससे किसान उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए खेती को अधिक टिकाऊ एवं लाभकारी बना सकेंगे।
   *5 नवंबर तक ऑनलाइन आवेदन का अवसर*
      उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने के इच्छुक किसान जिला प्रशासन, गया की आधिकारिक वेबसाइट gaya.nic.in पर उपलब्ध संस्थानों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों से संबंधित विवरण देख सकते हैं। इच्छुक किसानों को वेबसाइट पर अपलोड की गई जानकारी के अनुसार ऑनलाइन आवेदन करना होगा।
*ऑनलाइन आवेदन करने की अंतिम तिथि 5 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है।* प्राप्त आवेदनों के आधार पर किसानों का चयन किया जाएगा तथा चयनित किसानों को संबंधित संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए भेजा जाएगा।
*अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों से भी किया जा रहा संपर्क*
जिला पदाधिकारी, गया श्री शशांक शुभंकर ने बताया कि जिले के किसानों को आधुनिक एवं वैज्ञानिक कृषि तकनीकों से जोड़ना जिला प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है। किसानों को प्रतिष्ठित संस्थानों में प्रशिक्षण दिलाने से उन्हें नई तकनीकों को सीखने और खेती में अपनाने का अवसर मिलेगा। इससे कृषि कार्यों की गुणवत्ता में सुधार, उत्पादन में वृद्धि तथा किसानों की आर्थिक स्थिति को सुदृढ़ करने में सहायता मिलेगी।
     उन्होंने यह भी बताया कि किसानों के प्रशिक्षण के लिए अन्य प्रतिष्ठित कृषि अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थानों से भी संपर्क किया जा रहा है, ताकि आने वाले दिनों में अधिक से अधिक किसानों को विभिन्न विशेषज्ञ संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त करने का अवसर उपलब्ध कराया जा सके।
     जिला पदाधिकारी ने जिले के सभी किसानों से अपील की है कि जिला प्रशासन की इस पहल का अधिक से अधिक लाभ उठाएं तथा निर्धारित समय-सीमा के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी खेती को अधिक उन्नत, उत्पादक एवं लाभकारी बना सकते हैं।