उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड एवं बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 के कर्टेन रेज़र समारोह का शुभारंभ किया था।
श्री वर्मा ने कहा कि अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर के अंतर्गत गया जी के डोभी प्रखंड में 1,670 एकड़ में विकसित होगी बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी। परियोजना में लगभग 16,500 करोड़ रूपये के निवेश की क्षमता तथा 1 लाख से अधिक रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना बढ़ गई है।
बिहार बिजनेस कनेक्ट-2027 का आयोजन 17 एवं 18 फरवरी 2027 को होगा।मगध के नाम पर टाउनशिप और सांस्कृतिक विरासत केंद्र स्थापित किए जाएंगे। उद्योग एवं आधारभूत संरचना के विकास के लिए लगभग 13,500 एकड़ भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया जनवरी तक पूरी होने की संभावना है।
गया को दुबई और काठमांडू से हवाई मार्ग द्वारा जोड़ने की योजना है; भागलपुर, सोनपुर सहित अन्य स्थानों पर भी हवाई संपर्क के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है।
बिहार फाउंडेशन के माध्यम से 55 देशों के लोगों से जुड़ाव है; मुख्यमंत्री ने प्रवासी बिहारियों से अपनी मातृभूमि से जुड़े रहने और बिहार की नई औद्योगिक पहचान को विश्वभर में पहुंचाने का आह्वान किया है।
उन्होंने कहा कि श्री सम्राट चौधरी ने पिछले दिनों गया जिला स्थित वेलकम होटल बाय आई०टी०सी०, बोधगया में बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) का औपचारिक शुभारंभ किया। इस अवसर पर बिहार बिजनेस कनेक्ट (BBC) 2027 का कर्टेन रेज़र भी आयोजित किया था। मुख्यमंत्री ने बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया लिमिटेड (BIMCGL) के 'लोगो' का शुभारंभ किया तथा BIMCGL वेब पॉर्टल को लॉन्च किया। कार्यक्रम का आयोजन बिहार सरकार के उद्योग विभाग द्वारा BIADA एवं इन्वेस्ट बिहार के सहयोग से किया गया।
बिहार अब उद्योगों के विकास के लिए पूरी तरह तैयार है। राज्य में औद्योगिक निवेश, आधारभूत संरचना, हवाई संपर्क और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किए जा रहे हैं। बिहार औद्योगिक विकास, निवेश और रोजगार सृजन के नए दौर की ओर अग्रसर है। राज्य सरकार का लक्ष्य बिहार की औद्योगिक संभावनाओं को वास्तविक अवसरों में बदलना, निवेशकों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराना और युवाओं के लिए राज्य में ही रोजगार के पर्याप्त अवसर सृजित करना है। बिहार इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी गया जी को अमृतसर-कोलकाता इंडस्ट्रियल कॉरिडोर (AKIC) के अंतर्गत लगभग 1,670 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना में लगभग 16,500 करोड़ रूपये के निवेश की क्षमता है और इससे करीब 1 लाख 10 हजार रोजगार के अवसर सृजित होने की संभावना है।
इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग सिटी, गया राज्य के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उद्योगों और आधारभूत संरचना के विकास के लिए लगभग 13,500 एकड़ भूमि के अधिग्रहण की प्रक्रिया चल रही है, जिसे जनवरी तक पूरा करने की संभावना है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक विकास को गति देने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि सरकार और निजी क्षेत्र मिलकर आधुनिक औद्योगिक सुविधाओं का विकास कर सकें। बिहार में देश का सबसे बड़ा बेवरेज बॉटलिंग प्लांट स्थापित हुआ है और स्टील प्लांट भी लगाया जा रहा है। ये परियोजनाएं राज्य में उद्योगों की बढ़ती संभावनाओं को दर्शाती हैं। गयाजी को दुबई और काठमांडू से हवाई मार्ग द्वारा जोड़ने की योजना है। इसके अतिरिक्त भागलपुर, सोनपुर सहित बिहार के अन्य क्षेत्रों में भी हवाई संपर्क के विस्तार की दिशा में काम किया जा रहाहै। बिहार बिजनेस कनेक्ट 2027 को देश और दुनिया के निवेशकों के लिए बिहार की औद्योगिक संभावनाओं, नीतिगत सुविधाओं और निवेश के अवसरों से जुड़ने का प्रमुख मंच बनाया जाएगा। इस आयोजन के माध्यम से निवेशकों को राज्य की विकास प्राथमिकताओं, औद्योगिक आधारभूत संरचना और विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध संभावनाओं से परिचित कराने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर करना नहीं, बल्कि निवेश को वास्तविक परियोजनाओं में बदलना है। औद्योगिक इकाइयों की स्थापना, उत्पादन की शुरुआत, स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन और आर्थिक गतिविधियों का विस्तार औद्योगिक विकास की सफलता के प्रमुख आधार होंगे। बिहार में निवेश की संभावनाओं को वास्तविक उपलब्धियों में बदलने के लिए सरकार निवेशकों के साथ समन्वय, अनुकूल नीतिगत वातावरण और औद्योगिक विकास को प्राथमिकता दे रही है।
दूसरी ओर शोषित समाज दल के जिलाध्यक्ष शिशुपाल कुमार ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि उद्योगपति के लिए जमीन है पर बिहार के बेघरों और भूमिहीनों को बसाने के लिए सरकार के पास जमीन नहीं है। सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए। वनभूमि में भूमिहीनों को बसाने पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।