Thursday, 15 October 2026 | 4:27 AM
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बिहार विधानसभा अध्यक्ष आज मगध विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में हुए शामिल

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बिहार विधानसभा अध्यक्ष आज मगध विश्वविद्यालय की समीक्षा बैठक में हुए शामिल
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बिहार विधानसभा के अध्यक्ष प्रेम कुमार ने लिया मगध विवि का जायजा; महिला कॉलेजों के आर्थिक संकट और विवि की समस्याओं को सरकार के समक्ष उठाने का दिया आश्वासन,

गया से मृत्युंजय दयाल 

बिहार विधानसभा के माननीय अध्यक्ष श्री प्रेम कुमार ने बोधगया स्थित मगध विश्वविद्यालय के आधिकारिक समीक्षा दौरे में शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों का विस्तृत जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा शैक्षणिक सत्रों को नियमित करने और व्यवस्था सुधार की दिशा में किए जा रहे सकारात्मक प्रयासों की सराहना की। कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी एवं कुलसचिव प्रो. विनोद कुमार मंगलम् के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक में विश्वविद्यालय के विकास, शैक्षणिक उपलब्धियों और लंबे समय से जारी गंभीर समस्याओं पर व्यापक विचार-विमर्श किया गया। सभापति ने आश्वस्त किया कि वे विश्वविद्यालय की सभी प्रमुख मांगों और समस्याओं को बिहार विधानसभा तथा राज्य सरकार के शिक्षा मंत्रालय के समक्ष प्रमुखता से रखेंगे।

समीक्षा बैठक के दौरान बताया गया कि विश्वविद्यालय में अब सभी परीक्षाएं और शैक्षणिक सत्र पूरी तरह से नियमित हो चुके हैं। डिजिटल गवर्नेंस के क्षेत्र में बड़ी सफलता अर्जित करते हुए मगध विश्वविद्यालय ने डिजिलॉकर पोर्टल के उपयोग में पूरे राज्य में द्वितीय स्थान प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त, शिक्षकों एवं कर्मचारियों के हित में त्वरित निर्णय लेते हुए 567 शिक्षकों के बकाये का भुगतान निर्गत कर दिया गया है। पिछले चार महीनों के दौरान लगभग 300 पेंशन फाइलों का त्वरित निस्तारण किया गया है। साथ ही, अब सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों को उनकी सेवानिवृत्ति के ही दिन पीपीओ प्रदान किया जा रहा है।

शैक्षणिक एवं अनुसंधानात्मक प्रगति का उल्लेख करते हुए जानकारी दी गई कि विश्वविद्यालय में शिक्षकों द्वारा कई पेटेंट, फेलोशिप और नए शोध प्रोजेक्ट हासिल किये गये। हाल ही में 20 से अधिक विद्यार्थियों ने नेट परीक्षा उत्तीर्ण की है। राज्यसभा के उपसभापति श्री हरिवंश जी द्वारा उपलब्ध कराई गई सांसद निधि से विश्वविद्यालय में एक नया विभाग स्थापित किया गया है, जहाँ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई विधिवत प्रारंभ कर दी गई है। वहीं, स्नातकोत्तर स्तर पर 'स्वयं' पोर्टल का अनुपालन शुरू कर दिया गया है तथा इनफ्लिबनेट के अंतर्गत राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय जर्नल के निःशुल्क एक्सेस के लिए वन नेशन वन सब्स्क्रिप्शन सेवा भी बहाल कर दी गई है।

बैठक में विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेजों के समक्ष उत्पन्न आर्थिक और प्रशासनिक संकट की ओर भी ध्यान आकृष्ट कराया गया। वर्ष 2015 से एससी-एसटी विद्यार्थियों एवं छात्राओं की फीस माफी के मद में राज्य सरकार द्वारा फंड निर्गत न किए जाने के कारण महिला कॉलेजों सहित तमाम महाविद्यालयों के सामने गंभीर वित्तीय संकट खड़ा हो गया है। साथ ही, 'समर्थ' पोर्टल के माध्यम से स्नातक नामांकन प्रक्रिया में वार्ड कोटा एवं खेल कोटा का विकल्प समाप्त कर दिए जाने से हो रही कठिनाइयों को दूर करने तथा विश्वविद्यालय में संगीत विभाग खोलने की मांग की गई। परिसर में ऑडिटोरियम, कॉन्फ्रेंस हॉल, शिक्षक और शिक्षकेतर आवास और छात्रावास की आवश्यकता रेखांकित की गई।

इससे पूर्व, विश्वविद्यालय आगमन पर कुलपति प्रो. दिलीप कुमार केशरी ने सभापति श्री प्रेम कुमार को अंगवस्त्र, पौधा एवं स्मृतिचिह्न प्रदान कर उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर अध्यक्ष छात्र कल्याण प्रो. पी. के. चौधरी, महाविद्यालय निरीक्षक प्रो. दीपक कुमार, कुलानुशासक प्रो. अंजनी कुमार घोष, सीसीडीसी डॉ. संजय कुमार तिवारी, परीक्षा नियंत्रक डॉ. पार्थ प्रतिम दास, वित्त पदाधिकारी श्री इंद्र कुमार सिंह, जनसंपर्क पदाधिकारी डॉ. परम प्रकाश राय, समर्थ पोर्टल नोडल डॉ. शमशाद अंसारी, प्रेम जी के निजी सहायक श्री राज पांडेय तथा शिक्षकेतर कर्मचारी संघ के अध्यक्ष सुबोध कुमार एवं सचिव दीपक कुमार प्रमुख रूप से मौजूद रहे।