Thursday, 01 October 2026 | 3:33 AM
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पटना: शोषित समाज दल का पटना में धरना प्रदर्शन संपन्न

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पटना: शोषित समाज दल का पटना में धरना प्रदर्शन संपन्न
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पटना: बिहार के तीसरे उप मुख्यमंत्री और शोषित समाज दल के संस्थापक महामंत्री जगदेव प्रसाद का 52 वां शहादत दिवस समापन समारोह के अवसर पर आज शोषित समाज दल का एक दिवसीय धरना राष्ट्रीय महामंत्री अखिलेश कुमार की अध्यक्षता में संपन्न हो गईं।
धरना का उद्घाटन करते हुए दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामचंद्र कटियार ने कहा कि बिहार और केंद्र की सरकार किसी भी समस्या का समाधान करने में सक्षम नहीं है। जनता को बेवकूफ और अंधभक्त बनाकर भाजपा और उसके सहयोगी दल सत्ता पर काबिज हो गए हैं उसमें चुनाव आयोग की भूमिका अहम है ।सुप्रीम कोर्ट भी अप्रत्यक्ष रूप से उनका सहयोगी बना हुआ है।
श्री कटियार ने यह भी कहा कि जितने भी दलित पिछड़े नेता हैं उनमें अधिकांश किसी न किसी की गुलामी कर रहे हैं। वे झूठ बोलकर किसानों मजदूरों को ठगने का काम कर रहे हैं।सारे दल सिद्धांत हीन हैं।इनसे भलाई की उम्मीद बेमानी होगी। शोषित समाज दल के अलावा और कोई दल नहीं है जो देश की सामाजिक , सांस्कृतिक ,आर्थिक राजनीतिक विषमता को मिटाकर सुख शांति दे सके।और न ही वे पिछड़े दलितों को उनका अधिकार दिला सके। एकमात्र शोषित समाज दल के पास किसानों, मजदूरों,शिल्पकारों, विद्यार्थियों ,महिलाओं की सभी समस्या का समाधान करने की योजना है।जो सत्ता में आने पर लागू कर सकते हैं।
इंसानी बस्ती बसाओ योजना लागू करने से सभी भूमिहीन किसान और मजदूर स्वाभिमानी और स्वाबलंबी हो जाएंगे।
भारत सरकार खुद कारखाना नहीं लगाती और पूंजीपतियों को बढ़ावा देकर भारत को कंगाल बना रही है। भारत का श्रम सस्ता है उसका दुरुपयोग कर रही है।
शोषित समाज दल की सरकार आने से
श्रम करने वालों को सम्मान मिलेगा। बाढ़ और सुखाड़ की समस्या का समाधान होगा।
जो लोग चुनाव के पहले मोदी मोदी चिल्लाते थे वे आज छाती पीट रहे हैं।
बसपा , राजद ,सपा, कांग्रेस आदि चिल्लाते हुए कहते हैं हैं कि जनतंत्र खतरे में है।जरा उनसे पूछिए कि क्या आपके दल में जनतंत्र है? सभी को ऊपर से थोपा जाता है उनके दल में चुनाव करके पदाधिकारी नहीं बनाए जाते।ब्राह्मणवाद और पूंजीवाद को वे बढ़ावा देते हैं इसलिए एकमात्र विकल्प शोषित समाज दल ही है जिसे सत्ता में लाकर समस्याओं का समाधान किया जा सकता है।
धरना को अन्य शोषितों के अलावा रामचंद्र मेहता,मथुरा प्रसाद,लालमोहन राम,भोला प्रसाद देहाती, सुरजभान पासवान, सौरभ कुमार बंटी, श्वेता कुमारी, शिशुपाल कुमार, विद्याभूषण कुमार, संजय श्याम, मंजर आलम, अमरजीत कुशवाहा, अशोक कुमार, निखिल कुशवाहा,उमर फारूक आदि वक्ताओं ने धरना को संबोधित किया।
धरना के उपरांत 15 सूत्री मांगों को लेकर राज्यपाल को एक ज्ञापन दिया गया जिसमें चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने ,जगदेव प्रसाद को भारत रत्न देने,रोजगार की गारंटी देने, मानववादी शिक्षा संबंधी मांगों को लागू करने आदि मांग शामिल हैं।