फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 25 सितंबर 2026 जनपद में उद्योग एवं जनसमस्याओं को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर को 7 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने शहर और आसपास के क्षेत्रों में सड़क, बिजली, जल निकासी, अतिक्रमण तथा यातायात व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग उठाई।
ज्ञापन में लाल दरवाजा से पांचाल घाट मार्ग स्थित डॉ. वीरेंद्र स्वरूप एजुकेशन स्कूल जाने वाली जर्जर एवं नीची सड़क के नवनिर्माण की मांग प्रमुख रूप से शामिल रही। व्यापार मंडल के पदाधिकारियों के अनुसार बरसात के दौरान सड़क पर पानी भरने तथा जगह-जगह गड्ढे होने से स्कूली बच्चों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
जर्जर बिजली तारों को बदलने की मांग
व्यापारियों ने नेकपुर खुर्द से गुरुगाँव देवी मंदिर तक एचटी लाइन पर लटक रहे खुले केबिलों को हटाकर बंच केबिल लगाए जाने की मांग की। उनका कहना है कि बंदरों द्वारा केबिल क्षतिग्रस्त किए जाने से विद्युत हादसे का खतरा बना रहता है। साथ ही गोवंश के करंट की चपेट में आने की आशंका भी जताई गई।
व्यापार मंडल ने गुरुगाँव देवी मंदिर के पास खड़े सूखे पेड़ को हटाने की मांग भी की, ताकि संभावित दुर्घटना को टाला जा सके।
नाली निर्माण और सड़कों के डामरीकरण की मांग
ज्ञापन में नेकपुर खुर्द क्षेत्र में जल निकासी की समस्या दूर करने के लिए पक्की नाली का निर्माण तथा क्षेत्र की कच्ची सड़कों का डामरीकरण कराने की मांग की गई। व्यापारियों ने कहा कि जल निकासी और सड़क की समस्याओं का स्थायी समाधान आवश्यक है।
अतिक्रमण और ई-रिक्शा व्यवस्था का मुद्दा
व्यापार मंडल ने शहर के फुटपाथों पर हो रहे अतिक्रमण को हटाकर पटरी दुकानदारों के लिए व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने की मांग की। इसके अलावा ई-रिक्शा से प्रभावित हो रही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए नगर पालिका द्वारा निर्धारित रूट-चार्ट का कड़ाई से पालन कराने का आग्रह किया गया।
व्यापार बंधु समिति में समीक्षा की मांग
व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष मनोज मिश्रा, वरिष्ठ महामंत्री अनूप गुप्ता, महामंत्री विमलेश मिश्रा और जिला प्रवक्ता लाखन सिंह सहित अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि संबंधित समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं। उन्होंने मांग की कि ज्ञापन में उठाए गए सभी बिंदुओं को आगामी व्यापार बंधु समिति की बैठक के एजेंडे में शामिल किया जाए, ताकि इन पर नियमित समीक्षा हो और समस्याओं का शीघ्र समाधान कराया जा सके।