उन्होंने किसानों को 15 नवंबर से पहले चना की बुवाई करने की सलाह दी। बताया कि अनुदानित दर पर चना, मसूर, सरसों और तोड़ी के बीज वितरण के लिए किसानों का पंजीकरण अनिवार्य है। पंचायतवार निर्धारित तिथियों पर बीज वितरण किया जा रहा है। शनिवार को चना का बीज समाप्त हो गया। अब अगली खेप आने पर किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाएगा।
इधर, कचौड़ी पंचायत के ढाब रामपुर निवासी किसान पप्पू कुमार निराला ने निर्धारित दर से अधिक कीमत पर चना बीज बेचने की शिकायत की। किसानों का आरोप था कि 68 रुपये प्रति किलो की जगह 70 रुपये वसूले जा रहे हैं। इस पर कृषि पदाधिकारी ने तत्काल जांच कराई। उन्होंने बताया कि खुदरा पैसा नहीं रहने के कारण अतिरिक्त राशि ली गई थी, जिसे किसान को वापस कर दिया गया। उन्होंने डीलर को चेतावनी दी कि दोबारा ऐसी शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।