बीईओ ने कहा कि कायाकल्प अभियान के तहत विद्यालयों में रंग-रोगन सहित 50 हजार रुपये तक की लागत वाले कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करना है। जिन विद्यालयों में अब तक रंग-रोगन नहीं हुआ है, वहां तत्काल काम शुरू कराते हुए विद्यालय का नाम बड़े और स्पष्ट अक्षरों में लिखवाना सुनिश्चित करें। जिन विद्यालयों में पिछले तीन महीने के अंदर रंग-रोगन कराया गया है, वहां रनिंग वाटर, बिजली, चहारदीवारी सहित निर्धारित 14 बिंदुओं पर काम पूरा कराया जाए।
उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक चाहें तो वेंडर के माध्यम से भी कार्य करा सकते हैं। इसके लिए प्राप्त राशि का भुगतान नियमानुसार किया जाएगा।
बैठक में शिक्षकों की उपस्थिति को लेकर भी सख्त निर्देश दिए गए। सभी प्रधानाध्यापकों को विद्यालय पहुंचने और छोड़ने का समय ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य होगा। विद्यालय से बाहर सरकारी कार्य में जाने पर मार्क ऑन ड्यूटी के माध्यम से उपस्थिति दर्ज करनी होगी। साथ ही पंजी में बाहर जाने का कारण भी स्पष्ट रूप से लिखना होगा। विद्यालय के शिक्षक अब किसी भी परिस्थिति में जींस पैंट और टीशर्ट में विद्यालय में नहीं रहेंगे। वे फॉर्मल ड्रेस का अनुपालन करेंगे।
बीईओ ने बताया कि विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाओं और अन्य कर्मियों के नियुक्ति संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। शेरघाटी के सभी विद्यालयों से फोल्डर प्राप्त हो चुके हैं, जिनकी जांच जिला स्तर पर जारी है।