Sunday, 01 November 2026 | 1:35 AM
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गया:अतरी में एक और बाबा दशरथ मांझी, रामचंद्र यादव किये गए सम्मानित

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गया:अतरी में एक और बाबा दशरथ मांझी, रामचंद्र यादव किये गए सम्मानित
गया जिले के अतरी में बाबा दशरथ मांझी की तर्ज पर रामचंद्र यादव ने भी केवटी पहाड़ को काटकर रास्ता बनाया। तदोपरांत उन्हें आज सम्मानित किया गया।

रामचंद्र यादव जी ने लगातार लगभग 30 वर्षों तक अपने शारीरिक श्रम और अदम्य इच्छाशक्ति के बल पर मात्र छेनी और हथौड़ी की सहायता से केवटी पहाड़ को काटकर रास्ता बनाने का ऐतिहासिक कार्य किया। उन्होंने लगभग 30 फुट लंबा, 15 फुट चौड़ा और 15 फुट ऊँचा पहाड़ काटकर लोगों के आवागमन का रास्ता सरल बनाया।

जरा सोचिए, जिस काम को करना असंभव लगता है, उसे एक इंसान ने अपने हौसले, मेहनत और संकल्प से संभव कर दिखाया। यह केवल पहाड़ काटने की कहानी नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, जनसेवा और कभी हार न मानने वाले जज्बे की कहानी है।

हमारे अतरी और मगध की धरती का इतिहास ऐसे ही संघर्षशील महापुरुषों की गाथाओं से भरा हुआ है। इसी धरती ने दुनिया को माउंटेन मैन बाबा दशरथ मांझी जी जैसा महान व्यक्तित्व दिया, जिन्होंने अपने संघर्ष से इतिहास रच दिया। आज रामचंद्र यादव जी ने भी अपनी मेहनत और कर्मठता से इस क्षेत्र का मान बढ़ाया है।

ऐसे लोगों का सम्मान केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि मेहनत, संघर्ष, मानवता और संकल्प का सम्मान है। हमारी आने वाली पीढ़ियों को इनके जीवन से प्रेरणा लेनी चाहिए कि परिस्थितियाँ चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, यदि मन में दृढ़ संकल्प हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है।
जो काम सरकार को करना चाहिए या जनप्रतिनिधि को इसके लिए प्रयास करना चाहिए वे नहीं कर सके। पर वहां रहने वाले  बाबा दशरथ मांझी और रामचंद्र यादव जैसे लोग कर के लोगों के लिए प्रेरणा श्रोत बन गए।