Wednesday, 04 November 2026 | 11:28 AM
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गया: मानपुर से इसलामपुर तक रेल लाइन बनने में पेंच

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गया: मानपुर से इसलामपुर तक रेल लाइन बनने में पेंच
– DPR रेलवे बोर्ड तक पहुंचा पर निर्माण की राह में वित्तीय कसौटी बनी रोड़ा
 बिहारशरीफ को बोधगया से सीधे जोड़ने वाली इस्लामपुर-मानपुर रेल लाइन परियोजना वित्तीय मंजूरी के पेच में फंस गई है। 41.96 किलोमीटर लंबी इस नई लाइन का 788.27 करोड़ रुपये का अनुमानित लागत वाली DPR (डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट) रेलवे बोर्ड तक पहुंच चुकी है, लेकिन वित्त विभाग ने इसे 88.27 करोड़ की परियोजना वित्तीय जांच से बाहर कर दिया है।

रेलवे नियमों के अनुसार नई परियोजना का आर्थिक जीवन 30 वर्ष माना जाता है। इस दौरान अनुमानित कमाई से निवेश की वसूली 10 प्रतिशत सालाना रिटर्न के साथ होनी चाहिए। इस रूट पर अनुमानित कमाई बेहद कम पाई गई, इसलिए एफडीओ/कॉस्टिंग एक प्रतिशत से भी नीचे रह गया। यानी 100 रुपये लगाने पर रेलवे को सालाना एक रुपया का भी रिटर्न नहीं मिलेगा। जब तक एफडीओआरआर की स्थिति नहीं सुधरती या वित्तीय मंजूरी का कोई रास्ता नहीं निकलता, तब तक परियोजना के आगे बढ़ने पर संशय  बना रहेगा।

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए इस परियोजना को मात्र 8 लाख रुपये की अग्रिम बजट मंजूरी मिली है।

प्रस्तावित रेलखंड 
1. स्टेशन : इस्लामपुर, मुरौली, जमुआवां, नेजिया, खिजरसराय, मखदुमपुर, दरिया, मानपुर
2. लंबाई : 41.96 किमी (1,676 एमएम)
3. बड़ी पुलों की संख्या : 03
4. छोटे पुलों की संख्या : 22
5. रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) : 0
6. रोड अंडर ब्रिज (आरयूबी) : 15
7. रेलवे फाटक के बीच मंजूरी : 05
8. तीक्ष्ण मोड़ : 02
9. स्टेशनों की संख्या : 08
10. हॉल्ट की संख्या : 02
11. जंक्शन : 02

पर्यटकों को आवाजाही में होगी सुविधा
इस्लामपुर-मानपुर रेलखंड बनने से करीब 40 लाख लोग सीधे रेल सेवा से जुड़ेंगे। यह लाइन बुद्ध सर्किट के नालंदा को बोधगया से सीधे जोड़ेगी, जिससे देश-विदेश के पर्यटकों और श्रद्धालुओं को आवाजाही में सुविधा मिलेगी।
इससे सड़क पर निर्भरता घटेगी और आम यात्रियों, छात्रों व मरीजों को सस्ता सफर मिलेगा। कारोबारियों को माल ढुलाई का सस्ता साधन मिलेगा। साथ ही इस्लामपुर, हिलसा और आवास क्षेत्र के इलाकों में रोजगार और व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।