बोकारो (झारखंड), 9 अक्टूबर। अर्जक संघ, बोकारो जिला के तत्वावधान में आज शुक्रवार को सेक्टर-9/C, स्ट्रीट-26, क्वार्टर संख्या-1074, बोकारो स्टील सिटी में संघ के वरिष्ठ सदस्य राम नारायण प्रसाद की स्मृति में अर्जक पद्धति से शोकसभा आयोजित की गई। मृत्यु भोज का बहिष्कार कर आयोजित इस सभा में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई तथा मानवतावादी संस्कृति अपनाने का आह्वान किया गया।
राम नारायण प्रसाद का निधन 1 अक्टूबर 2026 को बोकारो जनरल अस्पताल में इलाज के दौरान हुआ था। वे लंबे समय से बीमार थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में अर्जक संघ के विचारों को परिवार और समाज तक पहुंचाने का कार्य किया।
सभा की अध्यक्षता प्रवीण कुमार ने की तथा संचालन जिला मंत्री सुरेश बैठा ने किया। परिजनों ने दिवंगत के चित्र पर पुष्प अर्पित किया। जिला अध्यक्ष उषा सिंह ने कहा कि समाज को अंधविश्वास और पाखंड से मुक्त होकर तर्क एवं वैज्ञानिक सोच अपनानी चाहिए। महिलाओं को भी रूढ़िवादी मान्यताओं से बाहर निकलकर आत्मसम्मान और विवेक के साथ आगे बढ़ना होगा।
झारखंड प्रदेश संयोजक डी.डी. राम ने अर्जक संघ के आचार-विचार, त्योहारों और संस्कारों की जानकारी दी। अन्य वक्ताओं ने कहा कि ब्राह्मणवादी कर्मकांडों और खर्चीली परंपराओं के स्थान पर मानवतावादी संस्कृति अपनाकर ही समाज में समानता और मानववाद स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि 1 जून 1968 को रामस्वरूप वर्मा द्वारा स्थापित अर्जक संघ का उद्देश्य मानवतावादी समाज का निर्माण करना है। महापुरुषों के विचारों को अपनाकर उनके सपनों का समाज बनाने की जरूरत है।
सभा में शशिकांत कुमार सिन्हा, रामावती अर्जक, अरविंद कुमार, प्रवीण कुमारी, स्वाती कुमारी, श्वेता कुमारी, राम सागर दास, अवधेश कुमार, शिवदयाल प्रसाद, मुक्तेश्वर कुमार, यश कुमार, राजेन्द्र कुमार सहित दर्जनों अर्जकों ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि आत्मा, पुनर्जन्म, स्वर्ग नरक, बैतरणी आदि कपोल कल्पित कथा करके समाज के धूर्त लोग ठगते रहे हैं।उनके झांसे और बहकावे में हमें नहीं आना चाहिए।
अंत में शोक प्रस्ताव पढ़ा गया और दिवंगत के सम्मान में दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। अध्यक्ष प्रवीण कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।