Tuesday, 15 September 2026 | 7:03 PM
भारत

आईसीसी के फैसले पर घमासान, वनडे विश्व कप के नए प्रारूप का डब्ल्यूसीए ने क्यों किया विरोध?

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा 2027 वनडे विश्व कप के नए प्रारूप (फॉर्मेट) की घोषणा के बाद एसोसिएट देशों और विश्व क्रिकेटर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूसीए) ने तीखी नाराजगी जताई है। खिलाड़ियों के वैश्विक संगठन डब्ल्यूसीए का कहना है कि नया फॉर्मेट पहले से तय अवसरों को मूल रूप से बदल देता है और इससे
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आईसीसी के फैसले पर घमासान, वनडे विश्व कप के नए प्रारूप का डब्ल्यूसीए ने क्यों किया विरोध?
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अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) द्वारा 2027 वनडे विश्व कप के नए प्रारूप (फॉर्मेट) की घोषणा के बाद एसोसिएट देशों और विश्व क्रिकेटर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूसीए) ने तीखी नाराजगी जताई है। खिलाड़ियों के वैश्विक संगठन डब्ल्यूसीए का कहना है कि नया फॉर्मेट पहले से तय अवसरों को मूल रूप से बदल देता है और इससे क्रिकेट के वैश्विक विस्तार पर भी सवाल खड़े होते हैं।
2027 वनडे विश्व कप का नया फॉर्मेट क्या है?

आईसीसी ने 2027 वनडे विश्व कप में 14 टीमों को बनाए रखा है। यह टूर्नामेंट दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे और नामीबिया की संयुक्त मेजबानी में खेला जाएगा।
नए प्रारूप के तहत रैंकिंग में 12वें, 13वें और 14वें स्थान पर रहने वाली टीमों के बीच 'सुपर सीरीज' खेली जाएगी।
इस सुपर सीरीज की विजेता टीम राउंड-2 में पहुंचेगी।
राउंड-2 में कुल 12 टीमें दो समूहों (प्रत्येक में 6 टीमें) में विभाजित होंगी।
इस चरण में 30 मुकाबले खेले जाएंगे।
दोनों ग्रुपों की शीर्ष तीन-तीन टीमें और दोनों समूहों में सातवें स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ टीम 'सुपर-7' चरण में पहुंचेगी।
सुपर-7 में 21 मैच होंगे, जिसके बाद शीर्ष चार टीमें सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी।
सेमीफाइनल में पहले स्थान की टीम चौथे स्थान की टीम से और दूसरे स्थान की टीम तीसरे स्थान की टीम से भिड़ेगी।

700 से अधिक अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों का प्रतिनिधित्व करने वाले विश्व क्रिकेटर्स एसोसिएशन ने कहा कि आईसीसी ने इतने बड़े बदलाव से पहले खिलाड़ियों और अन्य हितधारकों से पर्याप्त चर्चा नहीं की। डब्ल्यूसीए के अनुसार, खेल की सबसे बड़ी प्रतियोगिताओं के प्रारूप में बदलाव पारदर्शी प्रक्रिया और व्यापक सलाह-मशविरे के बाद ही किए जाने चाहिए। संगठन ने कहा कि खिलाड़ियों और उनके प्रतिनिधियों को इस निर्णय प्रक्रिया में सार्थक रूप से शामिल नहीं किया गया।