कासगंज ः गंजडुन्डबारा क्षेत्र में रिपोर्टर प्रवेन्द कुमार सक्सेना रात 10 बजे भरभराकर गिरा मकान का बरामदा, दहशत में पूरा परिवार
बारिश के बाद छत में आई थीं दरारें, सतर्कता के चलते बाहर था परिवार; मलबे में दबा घरेलू सामान
कासगंज। गंजडुंडवारा ब्लॉक क्षेत्र की ग्राम पंचायत सिकन्दरपुर के बत्तूपुरा मजरे में सोमवार रात उस समय हड़कंप मच गया, जब करीब 10 बजे कुमरपाल शाक्य के मकान का बरामदा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। बरामदे में बने कमरों का लेंटर टूटकर नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि हादसे के समय परिवार के लोग मकान के बाहर थे, जिससे बड़ा हादसा होने से टल गया। हालांकि मलबे में काफी घरेलू सामान दब गया।
परिजनों और मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, हाल में हुई बारिश के बाद मकान की छत पर हल्की-फुल्की दरारें दिखाई देने लगी थीं। दरारों को देखते हुए परिवार पहले से ही सतर्क था और रात में सभी लोग घर के बाहर मौजूद थे। इसी दौरान अचानक बरामदे का लेंटर भरभराकर गिर गया। तेज आवाज के साथ मलबा गिरने से आसपास के लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई।
मकान गिरने के बाद कुमरपाल शाक्य के तीनों पुत्रों समेत पूरा परिवार दहशत में है। परिवार के सामने अब मकान की सुरक्षा के साथ-साथ घरेलू सामान और रहने की व्यवस्था की भी चिंता खड़ी हो गई है।
मौके पर पहुंचे लेखपाल, नुकसान का किया आकलन
हादसे की सूचना मिलने पर क्षेत्रीय लेखपाल अरुण कुमार मौके पर पहुंचे और क्षतिग्रस्त मकान का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। लेखपाल ने बताया कि मौके पर स्थिति का आकलन कर लिया गया है। इसकी रिपोर्ट तहसील स्तर पर प्रस्तुत कर तहसीलदार को सौंपी जाएगी।
लेखपाल के अनुसार, शासन के नियमानुसार आपदा राहत के तहत जो भी सहायता अनुमन्य होगी, उसके लिए रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, ताकि पीड़ित परिवार को नियमानुसार राहत दिलाई जा सके।
बड़ा सवाल—अगर परिवार अंदर होता तो?
हादसे ने गांव में मकानों की सुरक्षा और बारिश के बाद जर्जर भवनों के निरीक्षण को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। परिवार का बाहर होना महज संयोग रहा, वरना रात के समय बरामदा गिरने से बड़ा हादसा हो सकता था। अब पीड़ित परिवार को प्रशासन से उम्मीद है कि नुकसान का सही आकलन कर जल्द से जल्द नियमानुसार आर्थिक एवं आवश्यक राहत उपलब्ध कराई जाएगी।