Thursday, 05 November 2026 | 7:36 PM
उत्तर प्रदेश

प्रयागराज, मंडलायुक्त की अध्यक्षता में धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न। धान खरीद हेतु मंडल में कुल 5,63,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित, 364 क्रय केंद्र स्थापित।

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प्रयागराज, मंडलायुक्त की अध्यक्षता में धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न। धान खरीद हेतु मंडल में कुल 5,63,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित, 364 क्रय केंद्र स्थापित।
प्रयागराज, मंडलायुक्त की अध्यक्षता में धान खरीद की तैयारियों की समीक्षा बैठक संपन्न। धान खरीद हेतु मंडल में कुल 5,63,000 मीट्रिक टन का लक्ष्य निर्धारित, 364 क्रय केंद्र स्थापित।
सभी क्रय केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं का दो दिवस में रैंडम निरीक्षण कर 07 नवंबर तक फोटोग्राफिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश। पीसीएसएपी पोर्टल पर निर्धारित 16 बिंदुओं के आधार पर क्रय केंद्रों का सत्यापन तथा कमियां मिलने पर नोटिस जारी करने के निर्देश
किसान पंजीकरण में तेजी लाते हुए 15 दिनों के भीतर गत वर्ष से अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश।
गत वर्ष की धान खरीद के लंबित भुगतान का आकलन कर किसानों को शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश।
मंडलायुक्त डॉ. लोकेश एम. की अध्यक्षता में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीद की तैयारियों के संबंध में आयुक्त कार्यालय स्थित गांधी सभागार में सभी संबंधित अधिकारियों की उपस्थिति में समीक्षा बैठक संपन्न हुई। बैठक में सर्वप्रथम धान खरीद हेतु जनपदवार निर्धारित लक्ष्य की समीक्षा की गई, जिसके अंतर्गत प्रयागराज में 2,80,000 मीट्रिक टन, कौशाम्बी में 62,000 मीट्रिक टन, फतेहपुर में 1,15,000 मीट्रिक टन तथा प्रतापगढ़ में 1,06,000 मीट्रिक टन सहित मंडल के लिए कुल 5,63,000 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए मंडल में कुल 364 क्रय केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिनमें प्रयागराज में 159, कौशाम्बी में 44, फतेहपुर में 65 तथा प्रतापगढ़ में 96 क्रय केंद्र सम्मिलित हैं।

मंडलायुक्त ने सभी क्रय केंद्रों पर किसानों की सुविधा के दृष्टिगत आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक केंद्र पर बैनर, किसानों के बैठने की समुचित व्यवस्था तथा पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध रहनी चाहिए। इस संबंध में सभी अपर जिलाधिकारियों को निर्देशित किया कि वे अपने अधीनस्थ उपजिलाधिकारियों के माध्यम से अगले दो दिनों के भीतर प्रत्येक तहसील में 10-10 क्रय केंद्रों का रैंडम निरीक्षण कराएं तथा व्यवस्थाओं की उपलब्धता का सत्यापन करते हुए फोटोग्राफ सहित रिपोर्ट 07 नवंबर 2026 तक अनिवार्य रूप से प्रेषित करें।

उन्होंने भारत सरकार के पीसीएसएपी पोर्टल पर क्रय केंद्र प्रभारियों द्वारा किए जाने वाले सेल्फ अप्रेजल की भी समीक्षा की। इस प्रक्रिया के अंतर्गत निर्धारित 16 बिंदुओं के आधार पर क्रय केंद्रों का सत्यापन किया जाना है। मंडलायुक्त ने सभी उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिए कि वे इन निर्धारित बिंदुओं के सापेक्ष क्रय केंद्रों पर उपलब्ध व्यवस्थाओं का परीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि प्रत्येक केंद्र का सत्यापन निर्धारित मानकों के अनुरूप किया गया है। मानकों में कमी पाए जाने पर संबंधित क्रय केंद्र को दो दिनों के भीतर नोटिस जारी करते हुए आवश्यक व्यवस्थाएं दुरुस्त कराई जाएं।

किसान पंजीकरण एवं सत्यापन की समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि गत वर्ष की तुलना में वर्तमान वर्ष में अब तक प्रयागराज में 7,967, कौशाम्बी में 2,750, फतेहपुर में 3,735 तथा प्रतापगढ़ में 1,441 कम पंजीकरण हुए हैं। इस प्रकार मंडल में कुल 15,893 पंजीकरण गत वर्ष की तुलना में कम रहे हैं। मंडलायुक्त ने सभी जनपदों में किसान पंजीकरण की प्रगति में तेजी लाने तथा आगामी 15 दिनों के भीतर गत वर्ष के कुल पंजीकरण के आंकड़े को पार करते हुए उससे अधिक पंजीकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस कार्य की नियमित निगरानी एवं प्रभावी समन्वय के लिए सभी अपर जिलाधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों का एक समर्पित समूह गठित कर अभियान के रूप में कार्य करने के निर्देश दिए।

मंडलायुक्त ने गत वर्ष की धान खरीद के सापेक्ष किसानों के लंबित भुगतान की स्थिति का भी आकलन करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी उपजिलाधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में पुराने बकाया भुगतान का सत्यापन कराएं तथा यदि किसी किसान का भुगतान लंबित पाया जाता है तो उसका तत्काल निस्तारण कराते हुए भुगतान सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत धान खरीद की अवधि 01 नवंबर 2026 से 28 फरवरी 2027 तक निर्धारित है। इस वर्ष सामान्य धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,441 रुपये प्रति कुंतल तथा ग्रेड-ए धान का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2,461 रुपये प्रति कुंतल घोषित किया गया है।

मंडलायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि धान खरीद की संपूर्ण प्रक्रिया में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए शासन द्वारा निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जाए।