Tuesday, 15 September 2026 | 5:22 PM
भारत

क्या पाकिस्तान की पॉलिटिक्स छोड़ेंगे इमरान ? जानिए वजह

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इस वक्त जेल में हैं। इस बीच, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खान और फौज के बीच डील के लिए बातचीत चल रही है। इसके तहत खान जेल से रिहा होंगे और इसके बाद पाकिस्तान और पॉलिटिक्स दोनों छोड़ देंगे। कहा जा रहा है कि पिछले दिनों इमरान की दोनों बहनों और
Share:
क्या पाकिस्तान की पॉलिटिक्स छोड़ेंगे इमरान ? जानिए वजह
Read in your preferred language.

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान इस वक्त जेल में हैं। इस बीच, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि खान और फौज के बीच डील के लिए बातचीत चल रही है। इसके तहत खान जेल से रिहा होंगे और इसके बाद पाकिस्तान और पॉलिटिक्स दोनों छोड़ देंगे।
कहा जा रहा है कि पिछले दिनों इमरान की दोनों बहनों और पत्नी बुशरा ने अटक जेल में इमरान से मुलाकात के दौरान उन्हें एक मैसेज दिया। यह मैसेज एक दोस्त का था। ये दोस्त ब्रिटेन की एक ताकतवर शख्सियत है।
इमरान को सरकारी खजाने (तोशाखाना) के तोहफे बेचने का दोषी पाया गया था। 5 अगस्त से वो जेल में हैं। इस केस में उन्हें जमानत मिली तो सीक्रेट लेटर चोरी केस (साइफर गेट मामला) में रिमांड पर भेज दिया गया।
इमरान खान बहुत जल्द पाकिस्तान और सियासत को अलविदा कह सकते हैं। उनके सामने इन दोनों चीजों को छोड़ने का विकल्प रखा जा रहा है। इमरान को तोशाखाना केस में तीन साल की सजा सुनाई जा चुकी है। इसके साथ ही वो पांच साल के लिए चुनाव लड़ने के अयोग्य (डिस्क्वालिफाई) भी हो चुके हैं।
तोशाखाना के अलावा कम से तीन केस ऐसे हैं, जिनमें खान के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं। इमरान खुद भी जानते हैं कि इन मामलों में उन्हें सजा होना तय है और अगर वो डील (फौज और सरकार से) नहीं करते हैं तो बाकी उम्र उन्हें जेल में गुजारनी पड़ सकती है। यही वजह है कि इमरान भी अब डील के लिए तैयार नजर आ रहे हैं। सोशल मीडिया पर इस तरह की खबरें पांच अगस्त के बाद से ही वायरल हैं। पाकिस्तान के कई नामचीन यूट्यूबर भी ये बताते रहे हैं।
फौज भी इमरान को मुल्क से रवानगी की मंजूरी देने पर विचार कर रही है। अगर इमरान पाकिस्तान छोड़ देते हैं तो उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) को चुनाव लड़ने से नहीं रोका जाएगा। हालांकि इमरान इस पिक्चर में कहीं नहीं होंगे। अगर खान पाकिस्तान और सियासत नहीं छोड़ते हैं तो उनकी पार्टी के कई नेताओं को इलेक्शन लड़ने से रोका जाएगा। उन्हें अलग-अलग मामलों में जेल भेज दिया जाएगा।
पाकिस्तान में नवंबर में चुनाव होने हैं। हालांकि केयरटेकर सरकार परिसीमन, जनगणना और कई दूसरे बहाने बनाकर इन्हें अगले साल मार्च तक टालना चाहती है। इसके पहले इमरान से डील करने की कोशिशें भी जारी हैं। लग्जरी लाइफ गुजारने वाले इमरान ज्यादा वक्त जेल में नहीं रह पाएंगे। देर-सबेर वो फौज से डील कर ही लेंगे और अपनी पहली पत्नी जेमिमा गोल्ड स्मिथ (और दोनों बेटों) के पास लंदन चले जाएंगे। डील की एक शर्त ये होगी कि वो विदेश से पाकिस्तान के बारे में किसी तरह की बयानबाजी नहीं करेंगे।
दूसरी तरफ, पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ 15 अक्टूबर तक पाकिस्तान लौट सकते हैं। वो अपनी पार्टी (PML-N) की अगुआई करेंगे। उनके भाई शाहबाज शरीफ भी इसकी पुष्टि कर चुके हैं। नवाज तीन साल से लंदन में हैं। इमरान के मुल्क छोड़ने पर नवाज की पार्टी के लिए चुनाव जीतना काफी आसान हो जाएगा। उन्हें चैलेंज सिर्फ आसिफ अली जरदारी की पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) से मिलेगा।
खास बात ये है कि नवाज शरीफ ने भी फौज से डील के बाद ही पाकिस्तान छोड़ा था। इसके पहले पूर्व राष्ट्रपति और आर्मी चीफ परवेज मुशर्रफ ने भी यही किया था। बेनजीर भुट्टो भी डील के तहत ही पाकिस्तान से ब्रिटेन गईं थीं।
तस्वीर में इमरान के दोनों बेटे सुलेमान और कासिम। इसके बाद पहली पत्नी जेमिमा और फिर बेटी टायरिन व्हाइट नजर आ रहे हैं। टायरिन की मां का नाम सीटा व्हाइट था। उनकी 2004 में मौत हो गई थी। इमरान ने कभी सार्वजनिक तौर पर टायरिन को बेटी नहीं माना, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन की अदालतों ने टायरिन को इमरान-सीटा की बेटी बताया है।
टायरिन की मां का नाम सीटा व्हाइट था। उनकी 2004 में मौत हो गई थी। इमरान ने कभी सार्वजनिक तौर पर टायरिन को बेटी नहीं माना, जबकि अमेरिका और ब्रिटेन की अदालतों ने टायरिन को इमरान-सीटा की बेटी बताया है।
कौन है इस डील के पीछे
इमरान पहले कह चुके हैं कि वो किसी से कोई डील नहीं करेंगे। हालांकि रिपोर्ट्स बताती हैं कि खान भी नवाज की तरह इलाज के बहाने देश से बाहर जाएंगे और फिर नहीं लौटेंगे। कुछ यूट्यूबर मानते हैं कि खान की पत्नी बुशरा नहीं चाहतीं कि इमरान पहली पत्नी जेमिमा और बच्चों के पास लंदन जाएं।
पिछले दिनों पाकिस्तान के मशहूर जर्नलिस्ट जावेद चौधरी का एक कॉलम ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ में पब्लिश हुआ था। इसमें जावेद ने कहा था- जेमिमा के भाई ब्रिटेन और अमेरिका में ताकतवर शख्सियत हैं। वो यहूदी हैं और इन दोनों देशों में लॉबीइंग के जरिए डील की कोशिश कर रहे हैं। इनमें पाकिस्तान के एक पूर्व आर्मी चीफ उनकी मदद कर रहे हैं।
कुछ खबरों के मुताबिक इमरान ब्रिटेन के बजाय अमेरिका में सेटल होना चाहते हैं। इसकी वजह यह है कि उनका वहां पहले से कुछ कारोबार है। बहरहाल, देखना दिलचस्प होगा कि इमरान के मामले में आगे क्या होगा।