Tuesday, 15 September 2026 | 7:14 PM
भारत

पीएम मोदी के निर्देश पर बदली इस मिनी रत्न कंपनी की किस्मत, घाटे से उबरी कंपनी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद जल शक्ति मंत्रालय के तहत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी वापकोस (WAPCOS) और इसकी सहायक इकाई NPCC का कायापलट हो गया है. इन कंपनियों ने घाटे और विवादों से उबरना प्रारंभ कर दिया है. केवल तीन महीनों में ही वित्तीय स्थिति, मानव संसाधन प्रबंधन, कामकाज के क्ष
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पीएम मोदी के निर्देश पर बदली इस मिनी रत्न कंपनी की किस्मत, घाटे से उबरी कंपनी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के निर्देश के बाद जल शक्ति मंत्रालय के तहत आने वाले सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी वापकोस (WAPCOS) और इसकी सहायक इकाई NPCC का कायापलट हो गया है. इन कंपनियों ने घाटे और विवादों से उबरना प्रारंभ कर दिया है. केवल तीन महीनों में ही वित्तीय स्थिति, मानव संसाधन प्रबंधन, कामकाज के क्षेत्र में बदलाव और नए व्यवसाय के मामले में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है. सरकारी सूत्रों के अनुसार कंपनी ने लंबित भुगतानों और बकाया वसूली में बड़ी सफलता हासिल की है जिससे वित्तीय स्थिति में उल्लेखनीय सुधार आया है.

यह कंपनी जल संसाधन, बिजली और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में इंजीनियरिंग कंस्लटेंसी, प्रोजेक्ट मैनेजमेंट, खरीद-बिक्री और निर्माण कार्य में लगी है। यह बांध, जलाशय, सिंचाई, जल आपूर्ति, अपशिष्ट जल प्रबंधन और बिजली परियोजनाओं पर विशेषज्ञता रखती है। WAPCOS 75 से अधिक देशों में सक्रिय है. दक्षिण एशिया और अफ्रीका में इसकी महत्वपूर्ण उपस्थिति है जहां यह एशियाई विकास बैंक जैसी संस्थाओं के साथ काम करती है.

पिछले कई वर्षों से यह लालफीताशाही, कुप्रबंधन, अनियमितताओं और घाटे का शिकार थी. बीच में यह प्रस्ताव भी आया कि इसका और एनपीसीसी का विलय कर दिया जाए. लेकिन प्रधानमंत्री मोदी का स्पष्ट निर्देश था कि इस कंपनी को घाटे से उबारा जाए ताकि अन्य सरकारी कंपनियों के लिए यह एक मिसाल बन सके. इसके बाद जल शक्ति मंत्री सी आर पाटिल ने तुरत फैसले करते हुए इसका कायापलट करने का काम शुरू किया. सूत्रों के अनुसार इस काम में वर्तमान सीएमडी शिल्पा शिंदे ने प्रमुख भूमिका अदा की है जिन्हें रजनी कांत अग्रवाल को हटाए जाने के बाद लाया गया था. यह कंपनी अपने पूर्व सीएमडी पर लगे गंभीर आरोपों के चलते विवादों से भी घिरी थी लेकिन प्रधानमंत्री मोदी के निर्देशों और निगरानी के बाद इसकी स्थिति में सुधार आना शुरू हुआ है.