Thursday, 24 September 2026 | 8:03 PM
उत्तर प्रदेश

लखीमपुर खीरी : सहिजना गांव में फैले बुखार के दृष्टिगत सीएमओ ने किया निरीक्षण, मृतकों के परिजनों से की मुलाकात

बुधवार को सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने ग्राम प्रधान करण यादव, जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर और मोहम्मदी सीएचसी अधीक्षक सचिन गुप्ता के साथ सहिजना गांव का दौरा किया।
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लखीमपुर खीरी : सहिजना गांव में फैले बुखार के दृष्टिगत सीएमओ ने किया निरीक्षण, मृतकों के परिजनों से की मुलाकात
निरीक्षण की तस्वीर
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लखीमपुर खीरी : सहिजना गांव में फैले बुखार के दृष्टिगत सीएमओ ने किया निरीक्षण, मृतकों के परिजनों से की मुलाकात

लखीमपुर खीरी जिले के मोहम्मदी ब्लॉक स्थित ग्राम सहिजना में बुखार के बढ़ते मामलों और मौतों को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है। बुधवार को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता ने ग्राम प्रधान व स्वास्थ्य विभाग की टीम के साथ गांव का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मृतकों के परिजनों से मुलाकात कर सांत्वना दी। पाया गया कि गांव में जिन तीन लोगों की मृत्यु होने की बात कही जा रही है उनमें से एक व्यक्ति की कहीं बाहर मृत्यु हुई है और वह काफी समय से वहीं रह रहा था। वही दो अन्य मृत्यु के बीच में करीब 16 दिन का अंतर है जो सूचना प्रसारित की जा रही है वह पूरी तरह निराधार है। उन्होंने गांव में फैली गंदगी व दूषित पेयजल आपूर्ति पर गहरी चिंता जताते हुए बीमारियों की रोकथाम के लिए युद्धस्तर पर कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।

बुधवार को सीएमओ डॉ. संतोष गुप्ता ने ग्राम प्रधान करण यादव, जिला मलेरिया अधिकारी हरिशंकर और मोहम्मदी सीएचसी अधीक्षक सचिन गुप्ता के साथ सहिजना गांव का दौरा किया। कई स्थानों पर गंदगी मिली। पीने के पानी की सप्लाई लाइन नालियों से होकर गुजरती पाई गई और कुछ जगह नालियां भी गंदीं थीं । इसके अलावा गांव से सटे एक तालाब के आसपास काफी गंदगी जमा थी और गांव के बाहर सूअरों का बाड़ा भी मौजूद था, जो संक्रामक बीमारियों को दावत दे रहा है। उन्होंने बताया कि परिजनों से हुई वार्ता के उपरांत गांव में 23 वर्षीय अर्चना की मृत्यु टाइफाइड व इन्फेक्शन के कारण प्रथम दृष्टया होना पाया गया, जिसकी मृत्यु 28 अगस्त 2026 को हुई थी, वहीं 17 वर्षीय प्रतिभा के परिजनों से बात करने पर पता चला कि उसे 13 सितम्बर 2026 की सुबह बुखार आया था, किसी स्थानीय डॉक्टर को दिखाया था और उसके बाद 13 व 14 सितंबर की रात उसकी तबीयत और बिगड़ जाने के बाद शाहजहांपुर ले जाते समय उसकी मृत्यु हुई है। प्रथम दृष्टया यह मृत्यु एक्यूट एब्डोमेन के कारण होना पाया गया है।

​बीमारी रोकने के लिए अधिकारियों को सख्त निर्देश

हालात का जायजा लेने के बाद सीएमओ ने तत्काल फोन पर डीपीआरओ से बात की और गांव में सफाई व्यवस्था कराने को कहा ताकि बीमारियों को फैलने से रोका जा सके। मच्छरों का प्रजनन रोकने के लिए पूरे गांव में फॉगिंग कराने के डीएमओ को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही डोर-टू-डोर सर्वे कर टीकाकरण करने और जिन लोगों को दो सप्ताह से अधिक समय से बुखार है, उनकी तत्काल जांच करने को कहा गया है। सीएचसी अधीक्षक को मलेरिया, डेंगू, टाइफाइड और जेई (जापानी इन्सेफेलाइटिस) की जांच के लिए सैंपल इकट्ठा करने के निर्देश दिए गए हैं। सीएमओ ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे पीने के लिए पानी को उबालकर ही इस्तेमाल करें या फिर सरकारी हैंडपंप के पानी का ही उपयोग करें।

स्वास्थ्य शिविर में 156 लोगों को मिला इलाज

गांव में मरीजों की पहचान और इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग की तरफ से मेडिकल कैंप का आयोजन किया गया। इस शिविर में 156 लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं और 130 लोगों की जांच हुई जिसमें एक मरीज में मलेरिया व एक में टाइफाइड की पुष्टि हुई है। ग्रामीणों के बीच क्लोरीन की गोलियों का वितरण भी किया गया है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार पांच दिन पहले भी गांव में एंटी-मलेरिया स्प्रे करवाया गया था। हालात को नियंत्रण में रखने के लिए गुरुवार को भी गांव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन जारी रहेगा।