Tuesday, 15 September 2026 | 5:21 PM
उत्तर प्रदेश

पीलीभीत: पूरनपुर राशन कार्ड कटने से गरीबों के घर मे शुरू हुई राशन की समस्या

पीलीभीत पूरनपुर राशन कार्ड कटने से गरीबों के घर मे शुरू हुई राशन की समस्या पीलीभीत पूरनपुर तहसील क्षेत्र में सप्लाई विभाग द्वारा बड़ी तादाद में राशन कार्ड काटे जाने से गरीब पात्रों के परिवारों में खाने की समस्या उत्पन्न होने लगी है जिससे वह काफी परेशान हैं जानकारी के अनुसार तहसील क्षेत्र में सप्लाई
Share:
Read in your preferred language.

पीलीभीत पूरनपुर राशन कार्ड कटने से गरीबों के घर मे शुरू हुई राशन की समस्या

पीलीभीत पूरनपुर तहसील क्षेत्र में सप्लाई विभाग द्वारा बड़ी तादाद में राशन कार्ड काटे जाने से गरीब पात्रों के परिवारों में खाने की समस्या उत्पन्न होने लगी है जिससे वह काफी परेशान हैं जानकारी के अनुसार तहसील क्षेत्र में सप्लाई विभाग द्वारा हजारों की तादाद में राशन कार्ड निरस्त कर दिए गए हैं जिसको लेकर पूरनपुर जोगराजपुर घुघचाई माधोटांडा के 94 गांव के इलाकों सहित समूचे तहसील क्षेत्र में पात्रों के सामने राशन की समस्या आए दिन आने लगी है लोग सप्लाई विभाग के कार्यालय में चक्कर लगा रहे हैं लेकिन सप्लाई इंस्पेक्टर नरेश कुमार के द्वारा बिना कोई कारण बताए लोगों को डाट दिया जाता है जिससे वह अपनी समस्या किसी को नहीं बता पा रहे हैं स्थानीय अधिकारियों के पास भी इस समस्या का हल नहीं है वहीं जिला स्तरीय जिला पूर्ति अधिकारी भी इस संबंध में पात्रों का मीडिया कर्मियों से बात नहीं कर रहे हैं क्योंकि इतनी बड़ी तादाद में राशन कार्ड निरस्त करना गरीबों के पेट पर लात मारने के बराबर है
रिपोर्ट: रामनिवास कुशवाहा

अच्छी पत्रकारिता मायने रखती है, संकटकाल में तो और भी अधिक

-क्यों न्यूज़ मीडिया संकट में है और कैसे आप इसे संभाल सकते हैं
कद्र करते हैं. इस विश्वास के लिए हमारा शुक्रिया.
-आप ये भी जानते हैं कि न्यूज़ मीडिया के सामने एक अभूतपूर्व संकट आ खड़ा हुआ है. आप मीडिया में भारी सैलेरी कट और छटनी की खबरों से भी वाकिफ होंगे. मीडिया के चरमराने के पीछे कई कारण हैं. पर एक बड़ा कारण ये है कि अच्छे पाठक बढ़िया पत्रकारिता की ठीक कीमत नहीं समझ रहे हैं.

-द दस्तक 24 अच्छे पत्रकारों में विश्वास करता है. उनकी मेहनत का सही मान भी रखता है. और आपने देखा होगा कि हम अपने पत्रकारों को कहानी तक पहुंचाने में जितना बन पड़े खर्च करने से नहीं हिचकते. इस सब पर बड़ा खर्च आता है. हमारे लिए इस अच्छी क्वॉलिटी की पत्रकारिता को जारी रखने का एक ही ज़रिया है– आप जैसे प्रबुद्ध पाठक इसे पढ़ने के लिए थोड़ा सा दिल खोलें और मामूली सा बटुआ भी.

अगर आपको लगता है कि एक निष्पक्ष, स्वतंत्र, साहसी और सवाल पूछती पत्रकारिता के लिए हम आपके सहयोग के हकदार हैं तो नीचे दिए गए लिंक को क्लिक करें और हमारे यूट्यूब चैनल को सब्सक्राइब करें . आपका प्यार द दस्तक 24 के भविष्य को तय करेगा.
https://www.youtube.com/channel/UC4xxebvaN1ctk4KYJQVUL8g
आदर्श कुमार

संस्थापक और एडिटर-इन-चीफ