Tuesday, 15 September 2026 | 6:54 PM
भारत

हार से बौखलाया विपक्ष कानून-व्‍यवस्‍था को भंग करने पर उतारू:स्‍मृति ईरानी

कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर मंगलवार को भी लगातार बारहवें दिन किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस क्रम में आज किसान यूनियनों ने देशभर में भारत बंद का आवाह्न किया है और कल यानि बुधवार को केंद्र सरकार और किसानों के बीच छठे दौर की वार्ता होगी। इस बंद को सभी विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिला ह
Share:
हार से बौखलाया विपक्ष कानून-व्‍यवस्‍था को भंग करने पर उतारू:स्‍मृति ईरानी
Read in your preferred language.

कृषि कानूनों के खिलाफ टिकरी बॉर्डर पर मंगलवार को भी लगातार बारहवें दिन किसानों का विरोध प्रदर्शन जारी है। इस क्रम में आज किसान यूनियनों ने देशभर में भारत बंद का आवाह्न किया है और कल यानि बुधवार को केंद्र सरकार और किसानों के बीच छठे दौर की वार्ता होगी। इस बंद को सभी विपक्षी पार्टियों का समर्थन मिला है।
केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने कहा, 'बौखलाया हुआ विपक्ष जो वोट के माध्यम से जनता का समर्थन प्राप्त नहीं कर पाया, वो आज कानून-व्यवस्था को भंग करने पर उतारू हो चुका है ताकि वो अपनी राजनीति चमका सके। कहीं न कहीं राजनीतिक दखल है कि अराजकता फैले।'

कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा, 'नए कृषि सुधार कानूनों से आएगी किसानों के जीवन में समृद्धि! विघटनकारी और अराजकतावादी ताकतों द्वारा फैलाए जा रहे भ्रामक प्रचार से बचें। MSP और मंडियां भी जारी रहेगी और किसान अपनी फसल अपनी मर्जी से कहीं भी बेच सकेंगे।'
केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने मंगलवार को कहा, 'कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में इन कृषि कानूनों का उल्‍लेख किया । इन कानूनों की वापसी की मांग करने वाला विपक्ष ढोंगी है। अपनी सत्‍ता के दौरान उन्‍होंने कंट्रैक्‍ट कृषि कानूनों को पारित किया था, इस तरह की पेशकश कभी नहीं की।' उन्‍होंने आगे कहा, 'किसानों ने लागत के अतिरिक्त लाभ की मांग की थी और हम उन्हें पहले ही लागत से 50 फीसद अधिक दे रहे हैं।'
केंद्रीय मंत्री मुख्‍तार अब्‍बास नकवी ने कहा, 'हर चीज परलोगों को गुमराह करना, देश की छवि को खराब करने की साजिश करना विपक्षी दलों का पुराना तरीका रहा है। अपने शासन काल में कांग्रेस, NCP, अकाली दल, लेफ्ट पार्टियां इस तरह के विधेयकों का सीना ठोक कर समर्थन करती रही हैं।'

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने देश में जारी किसान आंदोलन पर विदेशों के दखलंदाजी पर सवाल उठाया और कहा, 'जिस तरह से इंग्लैंड के सांसदों, कनाडा के प्रधानमंत्री ने आतंरिक हस्तक्षेप किया, इस पर विपक्ष की ज़ुबान क्यों बंद है?'
कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने कहा, '24 राजनीतिक पार्टियां भारत बंद का समर्थन कर रही हैं। कोई नहीं चाहता कि लोगों को असुविधा हो। सरकार को अहंकार का रास्ता छोड़कर हमारा पेट पालने वाले किसानों की बात माननी चाहिए और इन तीनों कानूनों को तुरंत वापस लेना चाहिए।' दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा, 'भाजपा वाले कैप्टन अमरिंदर सिंह को कुछ नहीं कहते क्योंकि वो उनके(BJP) साथ मिलकर किसानों को देश विरोधी बता रहे हैं। कल जब अरविंद केजरीवाल किसानों से मिलने सिंघु बॉर्डर गए थे, उसके बाद से BJP बुरी तरह घबरा गई है, भाजपा नेताओं ने उसके बाद से अरविंद केजरीवाल को हाउस अरेस्ट कर रखा है। उन्‍हें डर है कि कहीं अरविंद केजरीवाल किसानों के समर्थन में सड़क पर न निकल आएं।'