प्रत्याशी के नाम पर कई दिनों से चल रही अटकलों को विराम देते हुए बसपा ने आखिरकार मैनपुरी संसदीय सीट पर शाक्य प्रत्याशी पर ही दांव खेल दिया। बसपा इससे पूर्व भी शाक्य प्रत्याशी के फार्मूले पर चुनाव लड़ चुकी है, हालांकि जीत तक नहीं पहुंची। दूसरी तरफ एक सामान्य कार्यकर्ता को बतौर प्रत्याशी मैदान में उतार कर बसपा ने संगठन को भी संदेश देने की कोशिश की है। मैनपुरी लोकसभा सीट पर सपा ने डिंपल यादव को प्रत्याशी बनाया है। भाजपा अब तक अपने प्रत्याशी का नाम घोषित नहीं कर पाई है। बसपा के प्रत्याशी का भी लंबे समय से इंतजार हो रहा था। पार्टी के आठ पदाधिकारियों एवं सक्रिय कार्यकर्ताओं द्वारा टिकट की दावेदारी की गई थी। पार्टी द्वारा किसी शाक्य या लोधी चेहरे को प्रत्याशी बनाने के कयास लग रहे थे। बीते तीन दिन से किशनी विधानसभा क्षेत्र के गांव बरहा निवासी डा. गुलशन शाक्य या उनकी पत्नी का नाम घोषित होने की बात कही गई थी। डा. गुलशन शाक्य पार्टी पदाधिकारियों के साथ दो बार मायावती से मिलकर आए थे। बुधवार को लखनऊ में ही जिला प्रभारी दीपक पेंटर, मनीष सागर और जिलाध्यक्ष प्रेमचंद्र शाक्य की उपस्थित में डा. गुलशन शाक्य के नाम पर मुहर लगा दी गई। पेशे से चिकित्सक डा. गुलशन शाक्य के पिता 1898 से 2005 तक किशन क्षेत्र में विधानसभा प्रभारी के रूप में पार्टी की सेवा करते रहे हैं। मैनपुरी लोकसभा सीट पर यादव मतदाताओं की संख्या सबसे ज्यादा है। इसके बाद दूसरे नंबर पर शाक्य मतदाता आते हैं। बसपा पूर्व के चुनावों में भी शाक्य चेहरे पर दांव लगाकर जातीय गोलबंदी की कोशिश कर चुकी है।
उत्तर प्रदेश
यूपी की सबसे चर्चित सीट मैनपुरी पर मायावती ने घाेषित किया शाक्य प्रत्याशी
प्रत्याशी के नाम पर कई दिनों से चल रही अटकलों को विराम देते हुए बसपा ने आखिरकार मैनपुरी संसदीय सीट पर शाक्य प्रत्याशी पर ही दांव खेल दिया। बसपा इससे पूर्व भी शाक्य प्रत्याशी के फार्मूले पर चुनाव लड़ चुकी है, हालांकि जीत तक नहीं पहुंची। दूसरी तरफ एक सामान्य कार्यकर्ता को बतौर प्रत्याशी मैदान में उतार
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