Tuesday, 15 September 2026 | 6:41 PM
उत्तर प्रदेश

लखीमपुर खीरी : गाजे-बाजे के साथ पंडालों में विराजे विघ्नहर्ता, गणपति बप्पा मोरया की गूंज

लखीमपुर खीरी के गोला गोकर्णनाथ में गणेश चतुर्थी पर गाजे-बाजे के साथ भगवान गणेश की प्रतिमाएं पंडालों में विराजमान हुईं। गोला चा राजा के स्वागत में श्रद्धालुओं ने आतिशबाजी और रंग-गुलाल के साथ उत्सव मनाया।
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लखीमपुर खीरी : गाजे-बाजे के साथ पंडालों में विराजे विघ्नहर्ता, गणपति बप्पा मोरया की गूंज
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लखीमपुर खीरी। विघ्नहर्ता और मंगलमूर्ति भगवान श्री गणेश का आगमन सोमवार को जिले में धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ हुआ। गणेश चतुर्थी के अवसर पर जगह-जगह सजाए गए पंडालों में विधि-विधान से भगवान गणेश की प्रतिमाएं स्थापित की गईं। देर शाम तक गाजे-बाजे के साथ बप्पा के स्वागत का सिलसिला चलता रहा।

गोला गोकर्णनाथ स्थित कृष्णा वाटिका में 18वें गणेश उत्सव का आयोजन बड़े ही उत्साह के साथ किया जा रहा है। यहां गोला चा राजा के स्वागत में श्रद्धालुओं ने जमकर आतिशबाजी की और रंग-गुलाल उड़ाकर खुशी का इजहार किया। भगवान गणेश के पंडाल में पहुंचते ही श्रद्धालुओं ने 'गणपति बप्पा मोरया' के जयकारे लगाए, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।

गणेश चतुर्थी के पावन पर्व पर गोला गोकर्णनाथ समेत कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर पूजा-अर्चना की। मान्यता है कि भगवान गणेश विघ्नों को दूर करने वाले देवता हैं। उनकी पूजा-अर्चना से सुख-समृद्धि, बुद्धि और सफलता का आशीर्वाद प्राप्त होता है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार गणपति पूजन से जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और शुभ कार्यों की शुरुआत के लिए भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी आस्था के चलते गणेश उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पंडालों में पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं।

10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। पंडालों को आकर्षक ढंग से सजाया गया है और आगामी दिनों में विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। पूरे क्षेत्र में गणपति बप्पा मोरया के जयकारों से माहौल भक्तिमय बना हुआ है।