जिला गंगा समिति एवं WWF-India के संयुक्त तत्वावधान में एस.जी.एम. जूनियर स्कूल, सोरों में चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन
स्वच्छता ही सेवा के विशेष अभियान तथा वन्य जीव सप्ताह के अंतर्गत आज जिला गंगा समिति, कासगंज एवं विश्व प्रकृति निधि भारत (WWF-India) के संयुक्त तत्वावधान में एस.जी.एम. जूनियर स्कूल, सोरों में चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में नदी संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं वन्य जीव संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करना तथा प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता की भावना को प्रोत्साहित करना था।
प्रतियोगिता में विद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए नदी संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण एवं वन्य जीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर आकर्षक चित्र बनाए तथा निबंध लेखन के माध्यम से अपने विचार प्रस्तुत किए। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से प्रकृति एवं जैव विविधता के संरक्षण का संदेश दिया।
इस अवसर पर जिला गंगा समिति, कासगंज के जिला परियोजना अधिकारी श्री सुजीत कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए नदियों को स्वच्छ एवं प्रदूषणमुक्त रखने, जल स्रोतों के संरक्षण, पर्यावरण संतुलन बनाए रखने तथा वन्य जीवों एवं उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने दैनिक जीवन में पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी अच्छी आदतों को अपनाने तथा समाज में स्वच्छता एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता फैलाने का आह्वान किया।
चित्रकला प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर मुस्कान पचौरी, द्वितीय स्थान पर लवी मौर्य तथा तृतीय स्थान पर यश पराशर रहे। वहीं, निबंध प्रतियोगिता में प्रथम स्थान यश चौधरी, द्वितीय स्थान माधव पचौरी तथा तृतीय स्थान आरव श्रोती ने प्राप्त किया।
कार्यक्रम में जिला गंगा समिति, कासगंज के जिला परियोजना अधिकारी श्री सुजीत कुमार, WWF-India के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी श्री हिमांशु शर्मा, विद्यालय के प्रबंधक श्री भगवान उपाध्याय, प्रधानाचार्य श्री राहुल कुमार, श्री विकास मौर्य सहित विद्यालय के अन्य शिक्षकगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को यह संदेश दिया गया कि नदियों की स्वच्छता, पर्यावरण का संरक्षण एवं वन्य जीवों की सुरक्षा एक स्वस्थ, स्वच्छ एवं संतुलित पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम बच्चों में पर्यावरणीय जिम्मेदारी की भावना विकसित करने तथा भावी पीढ़ी को प्रकृति संरक्षण के प्रति प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।