**कासगंज (कदरगंज घाट):** गणेश विसर्जन के पावन पर्व पर कदरगंज गंगा घाट पर श्रद्धालुओं की अपार श्रद्धा और आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। जिला प्रशासन की मनाही या अन्य विकल्पों के बावजूद श्रद्धालुओं की अटूट आस्था यही रही कि वे गणपति बप्पा का विसर्जन पतित पावनी मां गंगा की मुख्य धारा में ही करेंगे। घाट पर जय श्री गणेश और 'अगले बरस तू जल्दी आ' के गगनभेदी जयकारों के साथ मूर्तियां विसर्जित की गईं।
हालांकि, इस धार्मिक उत्साह के बीच घाट पर बुनियादी सुविधाओं का भारी अभाव देखा गया, जिसे लेकर स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश है।
### प्रमुख समस्याएं और स्थानीय लोगों की मांगें
* **महिला सुरक्षा व निजता की अनदेखी:** घाट पर स्नान के बाद महिलाओं के लिए वस्त्र बदलने (चेंजिंग रूम) की कोई उचित व्यवस्था नहीं थी, जिससे महिला श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा।
* **श्मशान घाट व लाइट की मांग:** श्रद्धालुओं ने श्मशान घाट के पास प्रकाश व्यवस्था के लिए सोलर प्लेट लगाने की पुरजोर मांग की।
* **स्थाई बुनियादी ढांचा:** कदरगंज घाट पर पक्के घाट के निर्माण और स्थाई शौचालयों की व्यवस्था करने की मांग लंबे समय से उठ रही है।
* **सफाई व्यवस्था पर सवाल:** स्थानीय लोगों ने घाट पर दुरुस्त साफ-सफाई कराने तथा हादसों को रोकने के लिए किनारे बने गड्ढों को तुरंत भरवाने की अपील की।
### अलर्ट मोड पर रहा प्रशासन
विसर्जन के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए तहसीलदार प्रशासन और पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
* **प्रशासनिक टीम:** मौके पर कानूनगो मुन्नालाल भारती, लेखपाल शाहरुख और चौकी इंचार्ज अवधेश दुबे सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभाले रहे।
* **सुरक्षा के कड़े इंतजाम:** जिला पंचायत के गोताखोर घाट पर लगातार तैनात रहे और स्थिति पर नजर बनाए रखी।
* **संवाद व समझाइश:** मौके पर मौजूद अधिकारियों व गणमान्य लोगों ने श्रद्धालुओं को सुरक्षित तरीके से मूर्ति विसर्जन करने और गहरे पानी में न जाने की हिदायत देते हुए समझाया।