Tuesday, 15 September 2026 | 6:12 PM
भारत

अगर मनसे प्रमुख को नुकसान पहुंचाया गया तो इसका असर पूरे राज्य में होगा : बाला नंदगांवकर

मनसे नेता बाला नंदगांवकर ने बुधवार को राज ठाकरे को धमकी भरे एक पत्र को लेकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल से मुलाकात की और कार्रवाई की मांग की। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए बाला नंदगांवकर ने कहा कि अगर मनसे प्रमुख को नुकसान पहुंचाया गया तो इसका असर पूरे राज्य में होगा। उन्होंने कहा
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मनसे नेता बाला नंदगांवकर ने बुधवार को राज ठाकरे को धमकी भरे एक पत्र को लेकर महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल से मुलाकात की और कार्रवाई की मांग की। बाद में पत्रकारों से बात करते हुए बाला नंदगांवकर ने कहा कि अगर मनसे प्रमुख को नुकसान पहुंचाया गया तो इसका असर पूरे राज्य में होगा।

उन्होंने कहा कि उनके कार्यालय को पत्र प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा कि यह उर्दू शब्दों के साथ हिंदी में लिखा गया है। राज ठाकरे की चेतावनी का उल्लेख किया गया कि अगर अजान प्रसारित करने के लिए लाउडस्पीकर का इस्तेमाल जारी रखा गया तो मस्जिदों के सामने हनुमान चालीसा बजायी जाएगी। नंदगांवकर ने कहा कि राज्‍य के गृह मंत्री ने कहा कि वह पुलिस आयुक्त से बात करेंगे। अब वे जो भी आवश्यक कार्रवाई करेंगे, वे करेंगे। लेकिन अगर राज ठाकरे को जरा सा भी नुकसान हुआ तो महाराष्ट्र जल जाएगा। उन्होंने मंगलवार को पत्र को लेकर मुंबई के पुलिस आयुक्त संजय पांडे से मुलाकात की थी।
नंदगांवकर ने यह भी कहा कि वह मनसे प्रमुख और उनके परिवार के लिए सुरक्षा की मांग कर रहे थे, लेकिन राज्य सरकार ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को इस पर गौर करना चाहिए। राज ठाकरे ने पिछले महीने एक अल्टीमेटम दिया था कि चार मई तक राज्य की मस्जिदों से लाउडस्पीकर हटा दिए जाएं।
पिछले दिनों महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को लिखे एक पत्र में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि 28,000 से अधिक मनसे कार्यकर्ताओं को निवारक नोटिस दिए गए हैं, जबकि हजारों को राज्य से बाहर भेज दिया गया है। राज ठाकरे ने कहा कि यह (पुलिस कार्रवाई) किस लिए है? मस्जिदों से लाउडस्पीकर नहीं हटाने के लिए जो ध्वनि प्रदूषण का कारण बन रहे हैं? साथ ही राज ठाकरे ने कहा कि पुलिस महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के नेताओं की तलाश कर रही है जैसे कि वे पाकिस्तानी आतंकवादी या पूर्ववर्ती निजाम शासन के 'रजाकार' हों।
मनसे प्रमुख ने हैरानी जताते हुए कहा कि यह मुझे सोचने पर मजबूर करता है कि क्या पुलिस ने आतंकवादियों या मस्जिदों में छिपे हथियारों का पता लगाने के लिए वही सख्ती दिखाई है। उन्होंने कहा कि मराठी लोग और हमारे हिंदू भाई राज्य सरकार के इस रुख को देख रहे हैं।