Tuesday, 15 September 2026 | 6:52 PM
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हैकर्स इस तरह चुरा रहे है आपका डेटा , Telegram कर रहे है इस्तेमाल तो हो जाइए सावधान

बीते कुछ समय से प्राइवेसी पॉलिसी के विवाद की वजह से WhatsApp के कई यूजर्स ने दूसरे ऐप्स का रूख किया है। जिनमें से एक Telegram भी है। आज के समय में करोड़ों लोग इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे है। लेकिन अगर आप भी इसके यूजर है, तो जरा सावधान हो जाइए। दरअसल, टेलीग्राम हैकर्स का नया हथियार बन गया है। रिपोर्ट्स
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हैकर्स इस तरह चुरा रहे है आपका डेटा , Telegram  कर रहे है इस्तेमाल तो हो जाइए सावधान
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बीते कुछ समय से प्राइवेसी पॉलिसी के विवाद की वजह से WhatsApp के कई यूजर्स ने दूसरे ऐप्स का रूख किया है। जिनमें से एक Telegram भी है। आज के समय में करोड़ों लोग इस ऐप का इस्तेमाल कर रहे है। लेकिन अगर आप भी इसके यूजर है, तो जरा सावधान हो जाइए। दरअसल, टेलीग्राम हैकर्स का नया हथियार बन गया है। रिपोर्ट्स की मानें तो हैकर्स टेलीग्राम ऐप के बॉट का इस्तेमाल करके फेसबुक यूजर्स के कॉन्टैक्ट डीटेल्स को ऐक्सेस कर रहे हैं और लगभग 500 मिलियन फेसबुक यूजर्स का फोन नंबर टेलीग्राम पर बॉट के जरिए बेचा जा रहा है।
टेलीग्राम WhatsApp की तरह ही एक मैसेजिंग प्लेटफॉर्म है। जिसके जरिए यूजर्स अपने फ्रेंड्स, फैमिली और ऑफिस के लोगों से जुड़े होते हैं। हालांकि शातिर हैकर्स ने अब Telegram को नए हथियार के तौर पर इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है और करोड़ों लोगों का डेटा चुराकर बेचा जा रहा है। सिक्योरिटी रिसर्चर का कहना है कि टेलीग्राम बॉट के पास लगभग 500 मिलियन यूजर्स के फोन नंबर हैं। ये वह यूजर्स है जिनका डेटा दो साल पहले हुए डेटा ब्रीच में हैकर्स के हाथ लग गया था। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह बॉट यूजर्स से फेसबुक आईडी के बदले फोन नंबर एंटर करने को बोलता है और यूजर्स के नंबर का एक्सेस ले लेता है। इसके अलावा यह बॉट एक तरह की 'रिवर्स सर्च' ट्रिक से फेसबुक आईडी के जरिए यूजर्स के नंबर को ऐक्सेस कर लेता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें 40 करोड़ से ज्यादा यूजर्स का डेटा असुरक्षित डेटाबेस का हिस्सा बन चुका है। इसमें 19 देशों के लोग शामिल है। कहा जा रहा है कि इस बॉट से ज्यादा खतरा उन लोगों को है, जिनका फेसबुक अकाउंट 2019 के पहला बना है। 2019 में फेसबुक की खामी की वजह से कई यूजर्स का डेटा लीक हुआ था। एक्सपर्ट्स का मानना है कि डेटाबेस साइबर क्राइम कम्यूनिटीज में बेचा जा रहा है जो लोगों की प्राइवेसी के लिए खतरा है। इसे फ्रॉड ऐक्टिविटी के लिए साइबर क्रिमिनल्स यूज कर सकते हैं।

नोट: इस खबर में दी गई जानकारी हमें सोशल मीडिया से मिली है जिसकी हम सटीक पुस्टि नहीं करते

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