Tuesday, 15 September 2026 | 4:47 PM
राजनीति

लोकसभा में व‍ित्‍त मंत्री पेश करेंगी नया इनकम टैक्‍स ब‍िल, आसान भाषा के साथ होंगे ये बदलाव

संसद का बजट सत्र जारी है। आज यानी गुरूवार को बजट सत्र के 10वें दिन की कार्यवाही होगी। इस दौरान लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल पेश किया जाएगा, जिसका बजट के बाद से ही इंतजार किया जा रहा है। यह बिल पुराने इनकम टैक्स बिल 1961 की जगह लेगा। इस बिल को लेकर तैयारियां भी पूरी की जा चुकी हैं। इस बिल का ड्राफ्ट
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लोकसभा में व‍ित्‍त मंत्री पेश करेंगी नया इनकम टैक्‍स ब‍िल, आसान भाषा के साथ होंगे ये बदलाव
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संसद का बजट सत्र जारी है। आज यानी गुरूवार को बजट सत्र के 10वें दिन की कार्यवाही होगी। इस दौरान लोकसभा में नया इनकम टैक्स बिल पेश किया जाएगा, जिसका बजट के बाद से ही इंतजार किया जा रहा है। यह बिल पुराने इनकम टैक्स बिल 1961 की जगह लेगा।

इस बिल को लेकर तैयारियां भी पूरी की जा चुकी हैं। इस बिल का ड्राफ्ट भी जारी हो गया है। नए इनकम टैक्स बिल में 536 धाराएं और 23 चैप्टर हैं। 622 पेजों वाला यह बिल छह दशक पुराने इनकम टैक्स बिल 1961 की जगह लेगा। आज संसद में विपक्ष की प्रतिक्रिया देखना भी दिलचस्प होगा।

लोकसभा में बिल पेश किए जाने के बाद इसे विस्तृत चर्चा के लिए संसद की स्थायी समिति के पास भेजे जाने की संभावना है। प्रस्तावित कानून में कर विवादों के मामलों के शीघ्र निस्तारण के लिए नये प्रावधान किए गए हैं।

चैप्टर की संख्या 23 ही रही

नए बिल में चैप्टर की संख्या 23 ही रखी गई है। पेजों की संख्या काफी कम होकर 622 हो गई है, जो वर्तमान भारी-भरकम कानून का लगभग आधा है, जिसमें पिछले छह दशकों में किए गए संशोधन शामिल हैं। जब इनकम टैक्स कानून 1961 लाया गया था, तो इसमें 880 पेज थे।

नए बिल में 536 धाराएं शामिल

इनकम टैक्स बिल 2025 में 536 धाराएं शामिल हैं, जो वर्तमान इनकम टैक्स कानून, 1961 के 298 धाराओं से ज्यादा हैं। मौजूदा कानून में 14 अनुसूचियां हैं जो नए कानून में बढ़कर 16 हो जाएंगी।

नए इनकम टैक्स बिल में ये बदला

नए इनकम टैक्स बिल में आयकर अधिनियम, 1961 में उल्लिखित ‘पिछले वर्ष’ शब्द की जगह ‘कर वर्ष’ कर दिया गया है। साथ ही, मूल्यांकन वर्ष की अवधारणा को समाप्त कर दिया गया है।

पिछले वर्ष की अवधारणा बदली

वर्तमान में, पिछले वर्ष (2023-24) में अर्जित आय के लिए, कर का भुगतान निर्धारण वर्ष (2024-25) में किया जाता है। इस नये विधेयक में पिछले वर्ष और निर्धारण वर्ष की अवधारणा को हटा दिया गया है तथा सरलीकृत विधेयक के तहत केवल कर वर्ष लाया गया है।