Saturday, 19 September 2026 | 8:19 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद में प्रभावी पैरवी से दो अभियुक्त दोषसिद्ध, हत्या के मामले में आजीवन कारावास और दूसरे को 2 वर्ष की सजा

फर्रुखाबाद पुलिस की मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष और कोर्ट पैरोकारों की प्रभावी पैरवी के चलते 18 सितंबर 2026 को न्यायालय ने दो अलग-अलग मामलों में अभियुक्तों को दोषसिद्ध किया। हत्या के मामले में महेन्द्र उर्फ मटरे को आजीवन कारावास व 10 हजार रुपये अर्थदंड तथा दूसरे मामले में राकेश उर्फ गटुआ को दो वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई।
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फर्रुखाबाद में प्रभावी पैरवी से दो अभियुक्त दोषसिद्ध, हत्या के मामले में आजीवन कारावास और दूसरे को 2 वर्ष की सजा
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 18 सितंबर 2026 पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश लखनऊ के निर्देशन में अपराधियों को न्यायालय से अधिकतम सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी किए जाने के क्रम में फतेहगढ़ पुलिस को दो मामलों में सफलता मिली है। पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर की प्रभावी पैरवी के बाद न्यायालय ने दोनों अभियुक्तों को दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।

हत्या के मामले में आजीवन कारावास

कोतवाली मोहम्मदाबाद में वर्ष 2008 में दर्ज मु0अ0सं0 627/2008, वाद संख्या 95/2009, धारा 302/34 भादवि के मामले में अभियुक्त महेन्द्र उर्फ मटरे पुत्र भारत सिंह निवासी ग्राम भटकुरी, कोतवाली मोहम्मदाबाद, जनपद फतेहगढ़ के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया गया था।

विवेचना पूरी करने के बाद अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया गया। फतेहगढ़ पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर द्वारा मामले में प्रभावी पैरवी की गई।

परिणामस्वरूप 18 सितंबर 2026 को मा. न्यायालय एडीजे-01 द्वारा अभियुक्त महेन्द्र उर्फ मटरे को दोषसिद्ध करते हुए आजीवन कारावास तथा 10,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई गई।

इस मामले में एडीजीसी हरिनाथ सिंह, एडीजीसी संजीव कुमार पाल, कोर्ट मोहर्रिर हेड कांस्टेबल अजय कुमार और पैरोकार कांस्टेबल सुमित राठी की भूमिका रही।

दूसरे मामले में अभियुक्त को 2 वर्ष की सजा

दूसरे मामले में कोतवाली फतेहगढ़ में दर्ज मु0अ0सं0 309/2015, वाद संख्या 1051/2015, धारा 341, 504, 506 भादवि के मुकदमे में अभियुक्त राकेश उर्फ गटुआ पुत्र सकटे कठेरिया निवासी ग्राम बुढ़नामऊ, कोतवाली फतेहगढ़, जनपद फतेहगढ़ के विरुद्ध कार्रवाई की गई थी।

विवेचना के बाद अभियुक्त के विरुद्ध न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया गया। पुलिस टीम, मॉनिटरिंग सेल, अभियोजन पक्ष, कोर्ट पैरोकार एवं कोर्ट मोहर्रिर द्वारा प्रभावी पैरवी की गई।

18 सितंबर 2026 को मा. न्यायालय एसीजेएम कोर्ट ने अभियुक्त राकेश उर्फ गटुआ को दोषसिद्ध करते हुए 02 वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई।

इस मामले में एपीओ आशीष कुमार, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल प्रिंस कुमार और पैरोकार हेड कांस्टेबल जयचन्द्र की प्रभावी पैरवी रही।

फतेहगढ़ पुलिस के अनुसार, अभियुक्तों को न्यायालय से सजा दिलाने के लिए प्रभावी पैरवी का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।