Saturday, 19 September 2026 | 8:18 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद:यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन

फर्रुखाबाद में यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क को लेकर व्यापारियों ने नाराजगी जताई। अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में करीब 50 व्यापारियों ने डीएम कार्यालय पहुंचकर नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार को ज्ञापन सौंपा और शुल्क पर पुनर्विचार की मांग की।
Share:
फर्रुखाबाद:यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क के विरोध में व्यापारियों ने सौंपा ज्ञापन
डीएम कार्यालय में यूपीआई शुल्क के विरोध में ज्ञापन सौंपते व्यापारी।
Read in your preferred language.

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 18 सितंबर 2026 यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित 0.4 प्रतिशत शुल्क को लेकर व्यापारियों में नाराजगी देखने को मिली। शुक्रवार को अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के नेतृत्व में शहर के करीब 50 व्यापारी फतेहगढ़ स्थित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालय पहुंचे। व्यापारियों ने नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार को ज्ञापन सौंपकर यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित शुल्क पर पुनर्विचार करने की मांग की।

व्यापारियों ने कहा कि डिजिटल भुगतान वर्तमान समय में व्यापार और आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरत बन चुका है। ऐसे में यूपीआई लेनदेन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए जाने से छोटे एवं मध्यम व्यापारियों के साथ-साथ उपभोक्ताओं पर भी आर्थिक बोझ बढ़ सकता है। व्यापारियों का कहना था कि शुल्क की व्यवस्था डिजिटल भुगतान को प्रभावित कर सकती है और इससे छोटे कारोबारियों की परेशानियां बढ़ेंगी।

व्यापारियों ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार से प्रस्तावित शुल्क व्यवस्था पर पुनर्विचार करने तथा यूपीआई लेनदेन को अतिरिक्त शुल्क से मुक्त रखने की मांग की।

नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार ने व्यापारियों की मांगों को गंभीरता से सुना और आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च स्तर तक पहुंचाया जाएगा। आश्वासन मिलने के बाद व्यापारियों ने नगर मजिस्ट्रेट का आभार जताया।

ज्ञापन सौंपने वालों में अखिल भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के जिला महामंत्री रविकांत गुप्ता, नगर महामंत्री विवेक कुमार गुप्ता, संगठन मंत्री अर्पित गुप्ता, युवा नगर अध्यक्ष सलमान खान, मीडिया प्रभारी अनवर पठान, भाजपा संगठन मंत्री सत्यवीर सिंह, ओमवीर सिंह, अमन कश्यप, मीडिया प्रभारी माइकल गुप्ता, तोसीम खान, मुन्ना सहित करीब 50 व्यापारी मौजूद रहे।