Tuesday, 15 September 2026 | 8:15 PM
उत्तर प्रदेश

बिहार : पहली बार नौकरी करने पहुंची टीचर, झोपड़ी में चलता मिला स्कूल, जमीन पर बैठकर की जॉइनिंग

बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार अपने 'सुशासन' के दावे ठोकती रहती है. खासतौर पर मुख्यमंत्री बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे कई बार कर चुके हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जो इन दावों की पोल खोलता दिख रहा है. दरअसल यह वीडियो एक महिला टीचर का है, जो आयोग की प
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बिहार : पहली बार नौकरी करने पहुंची टीचर, झोपड़ी में चलता मिला स्कूल, जमीन पर बैठकर की जॉइनिंग
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बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार अपने 'सुशासन' के दावे ठोकती रहती है. खासतौर पर मुख्यमंत्री बिहार की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे कई बार कर चुके हैं. लेकिन सोशल मीडिया पर एक ऐसा वीडियो वायरल हुआ है, जो इन दावों की पोल खोलता दिख रहा है. दरअसल यह वीडियो एक महिला टीचर का है, जो आयोग की परीक्षा में पास होकर पहली बार नौकरी करने पहुंची तो उसे झोपड़ी में स्कूल चलता मिला. महिला टीचर ने अपनी पहली नौकरी का जॉइनिंग फॉर्म जमीन पर बैठकर भरा. यह वीडियो वायरल होने के बाद लोग बिहार सरकार की जमकर खिंचाई कर रहे हैं.

वायरल वीडियो एजुकेटर्स ऑफ बिहार नाम के अकाउंट से एक्स (पहले ट्विटर) पर अपलोड किया गया है. इसके कैप्शन में लिखा गया है कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में जॉइन करती नवनियुक्त BPSC की शिक्षिका. मीडिया रिपोर्ट्स में यह वीडियो बिहार के बेतिया जिले के ग्रामीण इलाके का बताया जा रहा है. इस वीडियो में दिख रहा है कि महिला जंगल जैसे निर्जन स्थान पर बने झोपड़े में नीचे जमीन पर बैठकर रजिस्टर पर कुछ भर रही है. उसे जानकारी भरने में दो व्यक्ति मदद कर रहे हैं. आसपास कुछ अन्य लोग भी खड़े दिख रहे हैं.

बेतिया के बैरिया ब्लॉक का है मामला

मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह वीडियो बेतिया के बैरिया ब्लॉक की सूरजपुर पंचायत के प्राथमिक विद्यालय का है. वीडियो में दिख रही महिला एक टीचर है और जिस जगह बैठकर यह फॉर्म भर रही है, ये झोपड़ी ही उस स्कूल की बिल्डिंग है, जिसमें उसकी नियुक्ति आयोग ने की है. महिला अपनी जॉइनिंग का फॉर्म भर रही है, जिसे भरवाने वाले दो लोगों में एक स्कूल के हेडमास्टर व दूसरे अन्य टीचर हैं. यह स्कूल नदी के किनारे वाले क्षेत्र में स्थित है, जहां आज तक स्कूल की बिल्डिंग नहीं बनी है. सरकारी टीचर झोपड़े में ही बच्चों को पढ़ाकर उन्हें आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं.