Tuesday, 13 October 2026 | 4:34 AM
Home / News / News
News

नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मसुविवि के छात्रों ने नशा मुक्ति का दिया संदेश

Share:
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से मसुविवि के छात्रों ने नशा मुक्ति का दिया संदेश
Read in your preferred language.
आजमगढ़ ब्यूरो  :: आजमगढ़ जनपद  के महाराजा सुहेल देव विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा कुलपति प्रो. संजीव कुमार के मार्गदर्शन में नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय विरदईया खालसा, आजमबाद, जनपद आजमगढ़ में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। नशा मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित, विश्वविद्यालय के मीडिया प्रभारी ने बताया कि आज विश्वविद्यालय राष्ट्रीय सेवा योजना की इकाई का कारवाँ परिसर से निकलकर ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं को नशा के विरुद्ध जागरूक करने के लिए वृहद नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं ग्रामीण समुदाय को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना तथा स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना था। विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के शारीरिक, मानसिक, पारिवारिक एवं सामाजिक दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। प्रस्तुति के जरिए लोगों को नशे से दूर रहने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने का संदेश दिया गया।
विश्वविद्यालय के इस सकारात्मक पहल की क्षेत्रवासियों और ग्राम वासियों चर्चा का विषय रही, उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति एवं प्राध्यापकों तथा छात्र-छात्राओं के प्रति इस खूबसूरत पहल के लिए आभार यह कहते हुए व्यक्त किया कि विश्वविद्यालय में पठन-पाठन के साथ-साथ सामाजिक दायित्व एवं अन्य माध्यम से जनपद के पिछड़े क्षेत्र को जागरूक करने का सतत प्रयास किया जा रहा है, अभी दो दिन पूर्व बापू बाजार/मेला के माध्यम से फिर हमारे बेटे बेटियों को नशा रूपी जाल से बचाने की पहल निश्चय ही काबिले-तारीफ है। 
कार्यक्रम में राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. देवेंद्र कुमार पांडेय, ग्राम प्रधान श्रीमती शशिकला, डॉ. शिखर श्रीवास्तव, डॉ. शशि प्रकाश शुक्ला, डॉ. हरेंद्र सिंह प्रजापति एवं सूर्य प्रकाश अग्रहरि सहित विश्वविद्यालय के विद्यार्थी, नुक्कड़ नाटक के प्रतिभागी तथा आसपास के गांवों से आए ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. देवेंद्र कुमार ने सभी सहयोगियों, प्रतिभागियों एवं उपस्थित ग्रामीणों के प्रति आभार व्यक्त किया।