महोबा : जैसे कि महोबा जिला कई बरसों से बीर आल्हा ऊदल की बीर भूमि माना जाता है उन्होंने जिला महोबा के प्रसिद्ध मनियां देव एवं माता शारदा की बहूत ही घनघोर तपस्या करके बहुत ही बड़ा महारथ हासिल किया उन्हीं के नाम पर आज इस जिले का नाम महोबा पड़ा। उनके नाम पर बड़े से बड़े राजा महाराजा अपनी तलवारें तथा हथियार छोड़ कर भाग जाते थे, यही से कुछ दूरी पर एक विशाल मनिंदर जिसको शिव मंदिर के नाम से जाना जाता है यह मंदिर बहुत ही प्राचीन मंदिर है जिससे हजारों लोगों की मन्नतें पूरी हो थी है लेकिन आज के कुछ समय करीब 10 साल पहले पहले ये प्राचीन मंदिर एवं प्राचीन दर्शनीय स्थल खणडहर एवं दारू पीने वाले स्थानों में तब्दील रहते थे लेकिन आजकल मशूबे की सरकार ने प्राचीन तीर्थ स्थलों, पुराने एवं नये पार्को को बनवा कर हिन्दुओं में एक नयी पहल जगाने का अथक प्रयास रह है। मशूबे की सरकार ने विशाल शिव मंदिर के सामने एक शिवतांडव पार्क बनाने में अथक प्रयास रहा है इस पार्क में हर रोज सुबह करीब सैकड़ों की संख्या में लोग घूमने आते हैं इस पार्क में घूमने से लोगों के कई तरह के मर्ज जै डायविविटीज, ब्लड प्रेशर, अस्थमा का निदान हुआ़ है ये पार्क घूमने बीमार लोगों के लिये बना वरदान। ये सरकार ने बहुत ही सराहनीय कदम उठाए हैं
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जिला महोबा का शिवतांडव पारक बना आकर्षण का केंद्र, सैकड़ों शैलानी लेते हैं बिना किसी शुल्क के आनन्द
महोबा : जैसे कि महोबा जिला कई बरसों से बीर आल्हा ऊदल की बीर भूमि माना जाता है उन्होंने जिला महोबा के प्रसिद्ध मनियां देव एवं माता शारदा की बहूत ही घनघोर तपस्या करके बहुत ही बड़ा महारथ हासिल किया उन्हीं के नाम पर आज इस जिले का नाम महोबा पड़ा। उनके नाम पर बड़े से बड़े राजा महाराजा अपनी तलवारें तथा हथि
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