सभा को संबोधित करते हुए किसान सभा के पूर्व जिला अध्यक्ष नाथूराम यादव ने खाने-पीने की वस्तुओं, रसोई गैस, चीनी और खाद्य तेल समेत जरूरी सामानों की लगातार बढ़ती कीमतों पर रोक लगाने और दाम कम करने की मांग की।
उन्होंने कहा कि किसानों को खाद मिलने में आ रही परेशानियों को दूर किया जाए। अंगूठे और आंख की पुतली के मिलान में आ रही दिक्कतों को समाप्त कर सभी किसानों को बिना शर्त खाद उपलब्ध कराई जाए। इसके साथ ही अघोषित बिजली कटौती और बिजली बिलों में कथित हेराफेरी को बंद करने की मांग भी उठाई गई।
किसान सभा ने अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में संचारी रोगों, डेंगू और अन्य मौसमी बुखारों का त्वरित उपचार उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही धान खरीद के लिए पर्याप्त संख्या में क्रय केंद्र खोले जाने की मांग भी रखी गई।
औद्योगिक गलियारे के सर्वे का मुद्दा उठानाथूराम यादव ने ताखा ग्राम पंचायत में औद्योगिक गलियारे के लिए किए जा रहे सर्वे का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने इस संबंध में उप जिलाधिकारी ताखा से जानकारी ली।
किसान सभा के जिला उपाध्यक्ष वैद्य विश्राम सिंह ने कुदरैल पर कट, 100 शैया अस्पताल में पूरी क्षमता के साथ इलाज शुरू कराने और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर रोडवेज बसों का संचालन शुरू कराने की मांग की।
संयुक्त मंत्री शिवबचन सिंह बच्चू ने राजकीय आईटीआई ताखा में कक्षाएं संचालित कराने, ताखा गांव में नाली निर्माण और मंडी का निर्माण कराने की मांग रखी।
राजकीय नलकूप लगाने की भी मांग
सभा की अध्यक्षता किसान सभा के जिला अध्यक्ष मास्टर राम बृजेश ने की। उन्होंने दीग और बनी हरदू ग्राम सभाओं में राजकीय नलकूप लगाए जाने की मांग उठाई। सभा का संचालन अजित प्रताप सिंह ने किया।
इस दौरान रामवीर सिंह, गीतम सिंह, विश्राम सिंह, शिवराम सिंह, लालू यादव, ओवेंद्र कुमार, श्री कृष्ण शाक्य, रत्नेश दुबे और कप्तान सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
प्रदर्शन के बाद किसानों की विभिन्न मांगों से संबंधित मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी ताखा को सौंपा गया।
रिपोर्टर: माता प्रसाद