Tuesday, 15 September 2026 | 11:57 PM
उत्तर प्रदेश

रायबरेेली: एक साल बीत गए न बना हैशियत प्रमाण पत्र

महराजगंज/रायबरेली: एक पुरानी कहावत है कि, "9 दिन चले अढ़ाई कोस" लेकिन राजस्व विभाग की लापरवाह कार्यप्रणाली ने इस कहावत को भी पीछे छोड़ दिया है। जबकि क्षेत्र के गांव अन्दूपुर के रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 1 वर्ष से ज्यादा समय बीत गया है। सारी औपचारिकताएं पूरी होने के
Share:
Read in your preferred language.
महराजगंज/रायबरेली: एक पुरानी कहावत है कि, "9 दिन चले अढ़ाई कोस" लेकिन राजस्व विभाग की लापरवाह कार्यप्रणाली ने इस कहावत को भी पीछे छोड़ दिया है। जबकि क्षेत्र के गांव अन्दूपुर के रहने वाले एक व्यक्ति द्वारा हैसियत प्रमाण पत्र बनवाने के लिए 1 वर्ष से ज्यादा समय बीत गया है। सारी औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद फाइल लेखपाल से कभी कानूनगो, तो कभी कानूनगो से नायब तहसीलदार, अमीन, तहसीलदार और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काटकर यहीं फंसी हुई है, और जिला मुख्यालय तक यह फाइल 1 साल बीतने को है, नहीं पहुंच सकी है। मामले के बारे में अब आवेदक ने पूरा प्रकरण प्रमुख सचिव राजस्व तक ले जाने की चेतावनी दी है। आपको बता दें कि, अन्दूपुर मजरे ताजुद्दीनपुर निवासी पूर्व ब्लाक प्रमुख महेंद्र सिंह ने अपने पुत्र परमवीर सिंह की हैसियत के लिए आवेदन किया था। महेंद्र सिंह का आरोप है कि, पत्रावली में वांछित सारे दस्तावेज उपलब्ध करा दिए गए थे। लेकिन साल भर में यह फाइल इधर-उधर टरकाई जा रही है और उन्होंने भी प्रण किया है कि, इस फाइल को बगैर सुविधा शुल्क खर्च किए ही वह रायबरेली तक पहुंचाएंगे। लेकिन उनका यह निश्चय अभी तक पूरा नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि, यदि 1 सप्ताह के अंदर उनके पुत्र का हैसियत प्रमाण पत्र की फाइल रायबरेली जिला मुख्यालय तक नहीं पहुंची, तो वह मामले को जिलाधिकारी से लेकर मंडलायुक्त और अध्यक्ष बोर्ड ऑफ रेवेन्यू लखनऊ तथा प्रमुख सचिव राजस्व के संज्ञान में लाएंगे।