Wednesday, 16 September 2026 | 1:55 AM
भारत

रात को बिजली कटने पर फोन करते हैं लोग : वसुंधरा राजे

राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और सीएम अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा के बीच जुबानी जंग से प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। सीएम सलाहकार ने वसुंधरा राजे के ट्वीट पर पलटवार किया है। पूर्व सीएम राजे ने प्रदेश में बिजली संकट पर गहलोत सरकार को घेरा था। वसुंधरा राजे के इस ट्वीट पर सिरोही विधायक संयम
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रात को बिजली कटने पर फोन करते हैं लोग : वसुंधरा राजे
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राजस्थान की पूर्व सीएम वसुंधरा राजे और सीएम अशोक गहलोत के सलाहकार संयम लोढ़ा के बीच जुबानी जंग से प्रदेश की सियासत गरमाई हुई है। सीएम सलाहकार ने वसुंधरा राजे के ट्वीट पर पलटवार किया है। पूर्व सीएम राजे ने प्रदेश में बिजली संकट पर गहलोत सरकार को घेरा था। वसुंधरा राजे के इस ट्वीट पर सिरोही विधायक संयम लोढ़ा ने तंज कसते हुए लिखा- आप फोन उठाते रहिए, सत्ता से बाहर होने पर कम से कम आप फोन उठा तो लेती हैं। आपका सत्ता से बाहर रहना जनहित में है। इतना ही नहीं संयम लोढ़ा ने अपने ट्वीट में यहां तक लिख डाला कि प्रदेश में प्रचलित नारा '8 PM NO CM' भी आपके लिए ही बना था। उल्लेखनीय है कि हाल ही में पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने एक ट्वीट किया था। जिसमें उन्होंने कहा कि कई बार लोग मुझे रात को ही फोन कर देते हैं कि लाइट नहीं है। रात को इसलिए फोन उठाती हूं कि कहीं किसी को जरुरी मदद की आवश्यकता तो नहीं लेकिन कई बार फोन पर बिजली की समस्या के बारे में सुनने को मिलती है।
वसुंधरा राजे ने ट्वीट कर लिखा- वास्तव में यही लोकतंत्र है। यदि आप सच्चे मायने में जन प्रतिनिधि है तो आपको हर पल लोगों के दुख दर्द सुनने के लिए तैयार रहना चाहिए। हमेशा अपना फोन जनता के लिए आॅन रखना चाहिए। भाजपा के जनप्रतिनिधियों की यही खासियत है कि वे लोगों के सेवा के लिए 24 घंटे तैयार रहते हैं। दरअसल, पूर्व सीएम ने अपने विधानसभा क्षेत्र झालारापाटन का दौरा कर आमजन की समस्याएं सुनीं। तब लोगों ने अनेकों बार बिजली कटौती की शिकायतें की। कांग्रेस राज में पूरे प्रदेश में बिजली की जबर्दस्त समस्या है।
सिरोही जिले से निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा अपने ट्वीट को लेकर चर्चा में रहते हैं। इस बार उनके निशाने पर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष वसुंधरा राजे हैं। इससे पहले संयम लोढ़ा के निशाने पर उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ निशाने पर रहते रहे हैं। निर्दलीय विधायक संयम लोढ़ा सीएम गहलोत के बेहद करीबी माने जाते हैं। विधानसभा चुनाव 2018 में सचिन पायलट के विरोध की वजह से कांग्रेस का टिकट नहीं मिला था। लेकिन संयम लोढ़ा ने निर्दलीय चुनाव लड़ा और शानदार जीत दर्ज की। राज्य की सियासत में संयम लोढ़ा सीएम गहलोत के संकट मोचक माने जाते हैं।