Thursday, 01 October 2026 | 3:35 AM
उत्तर प्रदेश

लखीमपुर खीरी : डीएम की अध्यक्षता में ओबीसी की आरक्षण में क्रीमोलेयर संबंधी प्रावधानों पर हुई कार्यशाला

भवन सभागार में आयोग के सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक, पूर्व जिला पंचायत सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों/प्रशासक, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधान/प्रशासक और पूर्व ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ बैठक कर ओबीसी वर्ग से संबंधित जमीनी स्थिति और आंकड़े जुटाए।
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लखीमपुर खीरी : डीएम की अध्यक्षता में ओबीसी की आरक्षण में क्रीमोलेयर संबंधी प्रावधानों पर हुई कार्यशाला
कार्यशाला की तस्वीर
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लखीमपुर:स्थानीय ग्रामीण निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) के प्रतिनिधित्व और सामाजिक-आर्थिक स्थिति का आकलन करने के लिए उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग की टीम बुधवार को जिले पहुंची। विकास भवन सभागार में आयोग के सदस्यों ने जिला पंचायत अध्यक्ष/प्रशासक, पूर्व जिला पंचायत सदस्यों, ब्लाक प्रमुखों/प्रशासक, पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधान/प्रशासक और पूर्व ग्राम पंचायत सदस्यों के साथ बैठक कर ओबीसी वर्ग से संबंधित जमीनी स्थिति और आंकड़े जुटाए।

आयोग के सदस्य बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त जिला जज), संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त एडीजे) और एसपी सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) ने जनप्रतिनिधियों से गांव और विकासखंड स्तर पर ओबीसी वर्ग की वास्तविक स्थिति की जानकारी ली। जनप्रतिनिधियों से परिवारों की आय के प्रमुख स्रोत, खेती एवं अन्य व्यवसायों में भागीदारी, भूमि स्वामित्व, बच्चों की शिक्षा तथा सरकारी सेवाओं में प्रतिनिधित्व से जुड़े तथ्य पूछे गए।

*13 बिंदुओं की प्रश्नावली से जुटाई जानकारी*
आयोग की ओर से तैयार प्रश्नावली के माध्यम से 13 प्रमुख बिंदुओं पर जानकारी एकत्र की जा रही है। इसमें पक्के मकान, शौचालय, पेयजल, घरेलू सुविधाओं के साथ भूमिहीन और आवासहीन परिवारों की स्थिति शामिल है। स्थानीय निकायों में ओबीसी के राजनीतिक प्रतिनिधित्व तथा जनसंख्या के अनुपात में उनकी भागीदारी से जुड़े तथ्य भी जुटाए गए।

आयोग ने प्रशासन की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों की जनप्रतिनिधियों के माध्यम से पुष्टि कराई। इसके साथ ही शिक्षा, रोजगार, भूमि स्वामित्व, कृषि और आय के स्रोतों से संबंधित जमीनी स्थिति को समझने का प्रयास किया गया। जनप्रतिनिधियों ने स्थानीय परिस्थितियों के आधार पर आयोग के समक्ष विभिन्न सुझाव भी रखे।

*राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर मांगे सुझाव*
बैठक में ओबीसी वर्ग के स्थानीय निकायों में राजनीतिक प्रतिनिधित्व से जुड़े पहलुओं पर भी चर्चा हुई। आयोग ने यह जानने का प्रयास किया कि आर्थिक स्थिति, जागरूकता की कमी अथवा अन्य सामाजिक कारणों से पिछड़े वर्ग की राजनीतिक भागीदारी प्रभावित हो रही है या नहीं। जनप्रतिनिधियों से इस संबंध में सुधार के लिए सुझाव भी लिए गए।

आयोग क्षेत्रीय स्तर से प्राप्त तथ्यों और सुझावों को अपनी अध्ययन प्रक्रिया में शामिल करेगा। बैठक में जो लोग अपनी बात नहीं रख सके, उन्हें पिछड़ा वर्ग से संबंधित जानकारी और सुझाव विकास भवन, लखनऊ को पत्र के माध्यम से भेजने की सुविधा दी गई है।

बैठक में डीएम अंजनी कुमार सिंह, सीडीओ योगानंद पांडे, डीपीआरओ विशाल सिंह, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत, आयोग के ओएसडी डॉ असलम अंसारी समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे। आयोग उपलब्ध आंकड़ों और जनप्रतिनिधियों से प्राप्त सूचनाओं का अध्ययन कर जिले में ओबीसी वर्ग की सामाजिक, आर्थिक, शैक्षिक और राजनीतिक स्थिति से संबंधित रिपोर्ट तैयार करेगा।