Friday, 02 October 2026 | 4:08 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद सीएमओ की पहल लाई रंग: 41 स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेनिंग के बाद 16 केंद्रों पर शुरू हुई प्रसव सेवाएं

फर्रुखाबाद में मातृ मृत्यु दर कम करने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए 41 एएनएम एवं स्टाफ नर्स को विशेष प्रसव प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण के बाद जिले के 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित प्रसव सेवाएं शुरू की गई हैं।
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फर्रुखाबाद सीएमओ की पहल लाई रंग: 41 स्वास्थ्यकर्मियों की ट्रेनिंग के बाद 16 केंद्रों पर शुरू हुई प्रसव सेवाएं
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 01 अक्टूबर 2026 जनपद में मातृ मृत्यु दर में कमी लाने और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से स्वास्थ्य विभाग द्वारा महत्वपूर्ण पहल की गई है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में 32 एएनएम एवं 9 स्टाफ नर्स सहित कुल 41 स्वास्थ्यकर्मियों को प्रसव संबंधी विशेष प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण पांच बैचों में कराया गया।

पहले बैच का प्रशिक्षण 13 से 21 अगस्त, दूसरे बैच का 23 से 31 अगस्त, तीसरे बैच का 1 से 8 सितंबर, चौथे बैच का 10 से 18 सितंबर तथा पांचवें बैच का 20 से 28 सितंबर 2026 तक आयोजित किया गया।

प्रशिक्षण पूरा होने के बाद जनपद के 16 स्वास्थ्य केंद्रों पर प्रसव सेवाएं शुरू की गई हैं। इनमें कमालगंज के महकपुर बीजल एवं मानपट्टी, राजेपुर के पिथनापुर, कुबेरपुर कुड़रा, दौलतपुर चकई, दहेलिया एवं नगला हंसा, शमशाबाद के खिनमिनी, मोहम्मदाबाद के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिरौली, नवाबगंज के पहाड़पुर, सिरमौरा बांगर, बराबिकू एवं दूधेई सलेमपुर, कायमगंज के पितौरा एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बिलसड़ी तथा नगरीय क्षेत्र का नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नवदिया शामिल है।

नगरीय क्षेत्र के नवदिया केंद्र पर प्रसव सेवाएं शुरू हो चुकी हैं, जबकि आने वाले समय में नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (UPHC) आईटीआई में भी प्रसव सेवाएं शुरू की जाएंगी। इससे शहरी क्षेत्र की गर्भवती महिलाओं को नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर प्रसव की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।

सीएमओ डॉ. आनंद उपाध्याय ने बताया कि पहल का प्रमुख उद्देश्य संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ मृत्यु दर में कमी लाना है। प्रशिक्षित एएनएम एवं स्टाफ नर्स की उपलब्धता बढ़ने से गर्भवती महिलाओं को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्रों पर सुरक्षित प्रसव की सुविधा मिल सकेगी।

उन्होंने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा प्रसव सेवाएं उपलब्ध होने से अप्रशिक्षित दाइयों के माध्यम से प्रसव कराने की प्रवृत्ति को कम करने में मदद मिलेगी। साथ ही महिलाओं की निजी नर्सिंग होम पर निर्भरता भी कम हो सकेगी। प्रसव के दौरान किसी जटिलता की स्थिति में समय पर चिकित्सकीय सहायता और आवश्यकता पड़ने पर रेफरल की सुविधा उपलब्ध कराई जा सकेगी।

सीएमओ ने कहा कि प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी, नजदीकी प्रसव केंद्र और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि प्रत्येक गर्भवती महिला को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव सुविधा उसके नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध हो।