Thursday, 01 October 2026 | 3:35 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद में 187 गर्भवती महिलाओं को FCM थेरेपी से मिला लाभ, एनीमिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग की पहल

फर्रुखाबाद में गर्भवती महिलाओं में एनीमिया की समस्या को नियंत्रित करने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा FCM (फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज) थेरेपी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में अब तक जिले की 187 गर्भवती महिलाओं को इस थेरेपी का लाभ दिया जा चुका है।
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फर्रुखाबाद में 187 गर्भवती महिलाओं को FCM थेरेपी से मिला लाभ, एनीमिया नियंत्रण की दिशा में स्वास्थ्य विभाग की पहल
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 30 सितंबर 2026 जनपद में गर्भवती महिलाओं में खून की कमी यानी एनीमिया की समस्या को कम करने के लिए स्वास्थ्य विभाग लगातार प्रयास कर रहा है। इसी क्रम में जिले की स्वास्थ्य इकाइयों पर चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार FCM (फेरिक कार्बोक्सीमाल्टोज) थेरेपी उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय के निर्देशन में अब तक 187 गर्भवती महिलाओं को FCM थेरेपी दी जा चुकी है।

FCM थेरेपी आयरन की कमी को पूरा करने के लिए चिकित्सकीय देखरेख में दी जाने वाली उपचार पद्धति है। एनीमिया से पीड़ित गर्भवती महिलाओं में चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार इसका उपयोग किया जाता है, जिससे शरीर में आयरन की कमी को पूरा करने में मदद मिलती है।

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार कायमगंज में 90, राजेपुर में 40, जिला अस्पताल फर्रुखाबाद में 18, कमालगंज में 11, शमसाबाद में 8, बरहापुर और मोहम्मदाबाद में 5-5, नाल्लाखा यूपीएचसी में 4, नवाबगंज और सिविल अस्पताल में 3-3, साहबगंज और नवदिया यूपीएचसी में 2-2 तथा भोलेपुर यूपीएचसी में एक गर्भवती महिला को FCM थेरेपी दी गई है। इस प्रकार जिले में कुल 187 महिलाओं को इसका लाभ मिल चुका है।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद उपाध्याय ने कहा कि गर्भवती महिलाओं में एनीमिया को गंभीरता से लेने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य विभाग का प्रयास है कि महिलाओं में खून की कमी की समय से पहचान की जाए और चिकित्सकीय आवश्यकता के अनुसार उन्हें उपचार उपलब्ध कराया जाए। FCM थेरेपी की सुविधा को जरूरतमंद महिलाओं तक पहुंचाने के लिए स्वास्थ्य इकाइयों को लगातार निर्देशित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि स्वस्थ मां, स्वस्थ शिशु की मजबूत नींव होती है। इसलिए मातृ स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए एनीमिया की रोकथाम, समय पर जांच और आवश्यक उपचार पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।