कासगंज। किसानों को जैविक खेती योजना का लाभ दिलाने में भुगतान की देरी आड़े आ रही है। नमामि गंगे जैविक खेती योजना के तहत किसानों और कार्यदायी संस्थाओं के लंबित भुगतानों को लेकर मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने गंभीरता दिखाई है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को लंबित भुगतान का नियमानुसार परीक्षण कराकर शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि किसानों को आर्थिक परेशानी का सामना न करना पड़े।
मंगलवार को विकास भवन में मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में यूपी डास्प द्वारा संचालित नमामि गंगे जैविक खेती योजना की जिला स्तरीय समिति की समीक्षा बैठक हुई। इसमें योजना के तहत सपोर्ट एजेंसी और प्रमाणीकरण संस्था की ओर से कराई जा रही गतिविधियों की प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में किसानों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं, जैविक खेती से जुड़ी गतिविधियों, कृषक समूहों के कार्यों और निर्धारित जिम्मेदारियों के निर्वहन की समीक्षा की गई। इस दौरान किसानों और कार्यदायी संस्थाओं के लंबित भुगतानों का मुद्दा प्रमुखता से उठा। सीडीओ ने निर्देश दिए कि भुगतान संबंधी मामलों का नियमानुसार परीक्षण कराकर जल्द धनराशि उपलब्ध कराई जाए। इसमें किसी प्रकार की अनावश्यक देरी न हो।
उन्होंने कहा कि योजना का उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के प्रति प्रोत्साहित करना और उन्हें बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए संबंधित संस्थाओं के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। उन्होंने लंबित कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने और योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
बैठक में जिला परियोजना समन्वयक यूपी डास्प डॉ. आदित्य कुमार, मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी, उप कृषि निदेशक, सहायक कृषि अधिकारी, जिला उद्यान अधिकारी, जिला सूचना अधिकारी, सपोर्ट एजेंसी के स्टेट मैनेजर दीपक चतुर्वेदी एवं प्रोजेक्ट मैनेजर, प्रमाणीकरण संस्था के जिला प्रभारी हेम सिंह, सहायक प्रबंधक सिस्टम यूपी डास्प वीरेंद्र गौतम सहित समिति के अन्य सदस्य और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।