बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक तरफ गौ माता की सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चला रही है दूसरी तरफ बरेली को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रयास चल रहे हैं परंतु दृश्य में देखा जा सकता है कि किस तरह से इन दोनों बातों को ठेंगा दिखाया जा रहा है आखिर इसके जिम्मेदार कौन हैं अगर सूत्रों की माने तो कहीं ना कहीं संबंधित अधिकारी मोटी रकम खाकर इन दृश्यों को अनदेखा कर रहे हैं आखिर इसकी जवाबदेही किसकी है और इसका जिम्मेदार कौन इसका पता तो जनता ही लगा सकती है। कुछ शहर प्रेमियों ने जब यह दृश्य हमारे पास भेजें तो फोन का एक ही प्रश्न था किसका जिम्मेदार कौन है और उसकी कुर्सी अभी तक कायम कैसे है। बताते चलें अस्पतालों के कुछ एक्ट के अनुसार वह किसी भी प्रकार का मेडिकल वेस्ट कूड़े में नहीं डाल सकते एवं नगर निगम खुले में कूड़े को नहीं डाल सकता परंतु बदायूं रोड स्थित त्रिमूर्ति पैलेस बरात घर के पास बीच सड़क पर कूड़ा इस कदर फैला हुआ है कि वहां से पैदल निकलना तो दूर वाहनों से निकलने वाले लोगों को भी नाक को ढककर निकलना पड़ता है। और दूसरी तरफ यहां पर कई गाय कूड़े में पड़े मेडिकल वेस्ट को खा रही है वैसे तो कहा नहीं जा सकता कि यह हरकत कौन कर रहा है परंतु इस कूड़े के पास स्वाति नर्सिंग होम एवं रामगंगा अस्पताल मुख्य तौर पर हैं।
उत्तर प्रदेश
बरेली-अस्पताल कर रहे जानवरों और जन जीवन से सरकार को ठेंगा दिखाते हुए खिलवाड़
बरेली। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ एक तरफ गौ माता की सुरक्षा के लिए लगातार अभियान चला रही है दूसरी तरफ बरेली को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए प्रयास चल रहे हैं परंतु दृश्य में देखा जा सकता है कि किस तरह से इन दोनों बातों को ठेंगा दिखाया जा रहा है आखिर इसके जिम्मेदार कौन हैं अगर सूत्रों की
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