Friday, 02 October 2026 | 4:08 AM
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अर्जक संघ ने बोकारो में मनाया लाभ दिवस

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अर्जक संघ ने बोकारो में मनाया लाभ दिवस
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बोकारो : अर्जक संघ, बोकारो जिला की ओर से आज गुरुवार को चास स्थित  ड्रीम विला, सुभाष को-ऑपरेटिव,  (जिला अध्यक्ष के निवास स्थान पर) में लाभ दिवस के अवसर पर विचार-गोष्ठी का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। लाभ दिवस फसल की उपज एवं उससे प्राप्त लाभ की खुशी के साथ-साथ किसान और समाज की आर्थिक स्थिति पर विचार करने के उद्देश्य से मनाया गया। यह अर्जक संघ का त्यौहार है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अर्जक संघ की जिला अध्यक्ष एवं राष्ट्रीय समिति सदस्य मा० उषा सिंह ने की, जबकि संचालन वरिष्ठ नेता शशिकांत कुमार सिन्हा ने किया।
गोष्ठी में मा० रामवती अर्जक ( समिति सदस्य), मा० डी० डी० राम (संयोजक, झारखंड प्रदेश), मा० सिद्धेश्वर प्रसाद (समिति सदस्य), मा० मालती अर्जक(समिति सदस्य), मा० एम० पी० सिंह, मा० महेंद्र प्रसाद (कोषाध्यक्ष), मा० ज्ञानचंद सिंह (पूर्व जिला अध्यक्ष), मा० रविंद्र सिंह सहित दर्जनों अर्जक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर वक्ताओं ने वर्तमान समय में किसानों के सामने उत्पन्न विभिन्न समस्याओं पर अपने विचार व्यक्त किया और  कहा कि किसान देश की रीढ़ है। खाद्य व्यवस्था और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। खेती की बढ़ती लागत, सिंचाई, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं खाद, फसल के उचित मूल्य, बाजार की उपलब्धता तथा समय पर भुगतान जैसी समस्याओं से किसान परेशान हैं। इसका समाधान आवश्यक है।
वक्ताओं ने इस बात पर भी जोर दिया कि किसानों को केवल उत्पादन तक सीमित न रखकर उन्हें उत्पादन, भंडारण, प्रसंस्करण और बाजार व्यवस्था से जोड़ने की आवश्यकता है। किसानों को वैज्ञानिक कृषि पद्धति, आधुनिक तकनीक और कृषि संबंधी सही जानकारी उपलब्ध कराकर उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जा सकता है।
डीडी राम ने कहा कि श्रम की महत्ता आवश्यक है पर इस देश में जो जितना ज्यादा श्रम करता है वह उतना ही नीच समझा जाता है। यह सामाजिक सांस्कृतिक विषमता का आधार है।अर्जक संघ विषमता को मिटाकर सुख शांति और समृद्धि स्थापित करना चाहता है।
गोष्ठी में यह संदेश दिया गया कि किसान की समस्या केवल किसान की समस्या नहीं, बल्कि पूरे समाज और देश की आर्थिक एवं खाद्य सुरक्षा से जुड़ा विषय है। किसान की मेहनत का सम्मान और उसकी उपज का उचित प्रतिफल सुनिश्चित करना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
अंत में अध्यक्ष मा० उषा सिंह ने सभी उपस्थित सदस्यों एवं वक्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में जागरूकता, वैज्ञानिक सोच, आपसी सहयोग तथा आर्थिक समझ को बढ़ावा देने के लिए ऐसे विचार-विमर्श निरंतर आयोजित किए जाने चाहिए।