Friday, 02 October 2026 | 4:09 AM
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जापानी बौद्ध भिक्षु की 12 सालों की कठोर तपस्या, दुनिया से नहीं रहेगा कोई संपर्क

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जापानी बौद्ध भिक्षु की 12 सालों की कठोर तपस्या, दुनिया से नहीं रहेगा कोई संपर्क
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जापान में एक बौद्ध भिक्षु ने 12 साल की कठिन तपस्या पर जाने का संकल्प लिया है। इस पूरे समय के दौरान वह पूरी तरह से अकेले रहेंगे। 31 साल के बौद्ध भिक्षु सोगकु तागुची जापान के शहर क्योटो के उत्तर-पूर्व में स्थित हिएई पर्वत पर बने एनर्याकुजी मंदिर के एक मकबरे में खुद को बंद कर लेंगे। उनका दूसरे लोगों से कोई संपर्क नहीं होगा और 12 साल तक उन्हें बाहरी दुनिया के बारे में कुछ भी पता नहीं चलेगा। उनकी यह कठिन तपस्यता जिषिन बनने के लिए हो रही है। इसका मतलब है- सच्चा देखने वाला। जिषिन एक ऐसे भिक्षु को कहते हैं जो तेंडाई बौद्ध धर्म के संस्थापक साइजो की समाधि की देखभाल के लिए समर्पित होता है। इन 12 वर्षों के दौरान तागुची को एक सख्त दिनचर्या का पालन करना होगा।