बैठक में जिलाधिकारी ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं सेवाओं की सीएम डैशबोर्ड पर प्रदर्शित प्रगति की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्धारित लक्ष्यों के सापेक्ष प्रगति में तेजी लाते हुए योजनाओं का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए।
उन्होंने निर्देशित किया कि जिन योजनाओं एवं कार्यक्रमों में जनपद की रैंकिंग अपेक्षाकृत कम है, उनमें विशेष ध्यान देते हुए प्रभावी कार्ययोजना के माध्यम से सुधार किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को नियमित रूप से पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों एवं प्रगति की समीक्षा करने तथा लंबित प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए तथा पात्र लाभार्थियों को योजनाओं का समय से लाभ उपलब्ध कराया जाए। बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में जिलाधिकारी द्वारा परियोजनाओं, सड़कों के निर्माण, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना, अतिरिक्त ऊर्जा, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, धान क्रय केंद्र, नमामि गंगे, ग्राम पंचायत भवन, डिजिटल लाइब्रेरी, स्वास्थ्य सेवाओं, पशुपालन, छात्रवृत्ति, पिछड़ा वर्ग कल्याण, प्रधानमंत्री आवास योजना, सड़कों की मरम्मत सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने जनपद की रैंकिंग की स्थिति की जानकारी लेते हुए उप कृषि निदेशक को निर्देशित किया कि योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार गांव-गांव कराया जाए तथा किसानों को योजना के लाभ एवं पात्रता के संबंध में जानकारी दी जाए, जिससे अधिक से अधिक किसान योजना से लाभान्वित हो सकें।
धान क्रय केंद्रों की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक तैयारियां समय से पूर्ण करने तथा किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश दिए गए।
ग्राम पंचायत भवनों की उपयोगिता सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि ग्राम पंचायत भवनों में ग्राम पंचायत सचिव एवं लेखपाल निर्धारित दिवसों पर उपस्थित रहकर जनसामान्य की समस्याओं का समाधान करें। इसके साथ ही डिजिटल लाइब्रेरी का नियमित एवं पूर्ण संचालन सुनिश्चित करने तथा वहां समाचार-पत्र एवं आवश्यक अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान पुराने एवं अनुपयोगी एम्बुलेंसों की नियमानुसार नीलामी की कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। एम्बुलेंसों में उपलब्ध सुविधाओं को चश्पा कराने के निर्देश दिया। संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम को गंभीरता से संचालित करने तथा नगरीय क्षेत्रों में साफ-सफाई व्यवस्था सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान गोवंश की स्थिति, गोशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं तथा चारा आदि की व्यवस्था की जानकारी ली गई। जिलाधिकारी ने गौशालाओं को सभी आवश्यक सुविधाओं से संतृप्त करने, छोटे पशुओं के लिए अलग से व्यवस्था करने तथा चारा की उपलब्धता एवं गुणवत्ता की नियमित जांच करने के निर्देश दिए।
छात्रवृत्ति योजना की समीक्षा करते हुए पात्र विद्यार्थियों को समय से छात्रवृत्ति का लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि महाविद्यालयों में शिविर आयोजित कर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति योजना के संबंध में जानकारी दी जाए तथा पात्र विद्यार्थियों के आवेदन समय से और त्रुटि रहित कराए जाएं।
सड़कों की स्थिति की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने गड्ढायुक्त सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराने तथा बरसात के उपरान्त नई सड़कों के निर्माण कार्य शुरू कराने के निर्देश दिए।
सीएम युवा उद्यमी विकास योजनाओं में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अधिकारियों को और अधिक प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।
आईजीआरएस की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि किसी भी विभाग के संबंध में नकारात्मक फीडबैक प्राप्त नहीं होना चाहिए। जनसामान्य से संबंधित सेवाओं एवं शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।
बैठक के अंत में जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि 2 अक्टूबर के अवसर पर जनपद के सभी सरकारी कार्यालयों में विशेष स्वच्छता अभियान चलाया जाए। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि स्वच्छता अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सफाई कर्मचारियों को चिन्हित कर सम्मानित किया जाए, जिससे स्वच्छता के प्रति बेहतर कार्य करने वाले कार्मिकों का उत्साहवर्धन हो सके।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाड़िया, जिला विकास अधिकारी मीनाक्षी देवी, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी डा0 अरूण कुमार यादव सहित संबंधित विभागों के अधिकारीगण उपस्थित