Sunday, 25 October 2026 | 2:54 PM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद: दीपावली पर आतिशबाजी दुकानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें -जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर

फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने दीपावली के दृष्टिगत आतिशबाजी विक्रेताओं एवं निर्माताओं के साथ बैठक कर अग्निशमन और विद्युत सुरक्षा मानकों के कड़ाई से पालन के निर्देश दिए। उन्होंने प्रत्येक आतिशबाजी क्लस्टर में अग्निशमन संसाधनों की उपलब्धता, सुरक्षित विद्युत व्यवस्था, वैध लाइसेंस तथा निर्धारित दूरी के मानकों का पालन सुनिश्चित कराने को कहा।
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फर्रुखाबाद: दीपावली पर आतिशबाजी दुकानों में सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें -जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर

फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24) दीपावली एवं आगामी त्योहारों के दृष्टिगत जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर की अध्यक्षता में स्थायी एवं अस्थायी आतिशबाजी के थोक-फुटकर विक्रेताओं तथा निर्माताओं के साथ बैठक आयोजित की गई। बैठक में आतिशबाजी दुकानों एवं क्लस्टरों में अग्निशमन सुरक्षा, विद्युत सुरक्षा, लाइसेंस की शर्तों तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुपालन को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि दीपावली के दौरान आतिशबाजी की बिक्री एवं भंडारण में विस्फोटक नियमावली, 2008 तथा समय-समय पर जारी संशोधित प्रावधानों का कड़ाई से पालन किया जाए। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने निर्देश दिए कि अस्थायी आतिशबाजी दुकानों के क्लस्टर का निर्धारण उपलब्ध अग्निशमन संसाधनों एवं सुरक्षा व्यवस्थाओं के आधार पर किया जाए। एक क्लस्टर में अधिकतम 50 दुकानों की सीमा का पालन करते हुए प्रत्येक क्लस्टर के लिए कम से कम दो फायर टेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। भीड़भाड़ वाले स्थानों, आबादी, विद्यालयों, महाविद्यालयों, रेलवे लाइन, हाईटेंशन विद्युत लाइनों, बाजारों और फैक्ट्रियों से निर्धारित सुरक्षित दूरी का भी विशेष ध्यान रखा जाए।

विद्युत सुरक्षा पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने दुकानों एवं शेड में खुले, लटकते या असुरक्षित विद्युत तारों के प्रयोग पर रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उचित वायरिंग, सुरक्षित स्विच एवं आवश्यक विद्युत सुरक्षा उपकरण उपलब्ध होने चाहिए। अस्थायी दुकानों के संचालन से पूर्व विद्युत सुरक्षा विभाग के सक्षम अधिकारियों से निरीक्षण कराकर आवश्यक विद्युत सुरक्षा प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए।

अग्निशमन उपकरण रखना अनिवार्य

प्रत्येक आतिशबाजी विक्रय स्थल पर पर्याप्त संख्या में अग्निशमन यंत्र, रेत एवं पानी से भरी बाल्टियां तथा अन्य आवश्यक अग्निशमन संसाधन उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। विक्रेताओं एवं कर्मचारियों को अग्निशमन उपकरणों के उपयोग का प्रशिक्षण देने पर भी जोर दिया गया।

जिलाधिकारी ने कहा कि आतिशबाजी दुकानों के आसपास ज्वलनशील पदार्थों का भंडारण न किया जाए तथा आपातकालीन निकास एवं आवागमन के रास्ते खुले रखे जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर अग्निशमन वाहन और राहत दल आसानी से पहुंच सकें।

लाइसेंस और प्रतिबंधित आतिशबाजी पर सख्ती

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आतिशबाजी दुकानों एवं क्लस्टरों के लाइसेंस और अनुमति की शर्तों का मौके पर सत्यापन किया जाए। बिना वैध लाइसेंस के कारोबार करने वालों तथा निर्धारित स्थल से अलग आतिशबाजी का निर्माण, भंडारण या बिक्री करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए।

प्रतिबंधित आतिशबाजी की बिक्री एवं भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखने के निर्देश देते हुए जिलाधिकारी ने अधिकृत एवं वैध आतिशबाजी की बिक्री तथा पर्यावरण अनुकूल ग्रीन पटाखों के उपयोग को प्रोत्साहित करने को कहा। निर्धारित ध्वनि एवं समय संबंधी प्रतिबंधों का भी पालन कराया जाएगा।

संयुक्त टीम करेगी निरीक्षण

जिलाधिकारी ने क्लस्टर निर्धारण एवं दुकानों को अनुमति देने से पहले अग्निशमन विभाग, विद्युत सुरक्षा विभाग, स्थानीय प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम से निरीक्षण कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान फायर टेंडर, अग्निशमन उपकरण, विद्युत सुरक्षा, दुकानों के बीच दूरी और लाइसेंस की वास्तविक स्थिति की जांच की जाएगी।

उन्होंने स्पष्ट किया कि दीपावली के अवसर पर जनसामान्य की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी विभाग आपसी समन्वय से कार्य करते हुए सुरक्षित एवं दुर्घटनामुक्त दीपावली सुनिश्चित कराएं।

बैठक में अपर जिलाधिकारी न्यायिक दिनेश कुमार, नगर मजिस्ट्रेट पारुल तरार, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त क्षेत्राधिकारी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी सुभाष कुमार, अधिशासी अधिकारी नगर पालिका विनोद कुमार सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।