Monday, 21 September 2026 | 8:09 AM
उत्तर प्रदेश

फर्रुखाबाद में Crime Scene Management और Evidence Based Investigation पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित

WORLD FORENSIC SCIENCE DAY के अवसर पर पुलिस लाइन फतेहगढ़ में Crime Scene Management और Evidence Based Investigation विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में घटनास्थल को सुरक्षित रखने, वैज्ञानिक साक्ष्यों के संकलन, पैकेजिंग, संरक्षण और Chain of Custody के संबंध में पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया।
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फर्रुखाबाद में Crime Scene Management और Evidence Based Investigation पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित
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फर्रुखाबाद:(द दस्तक 24 न्यूज) 20 सितंबर 2026 जनपद में WORLD FORENSIC SCIENCE DAY के अवसर पर 20 सितंबर 2026 को पुलिस लाइन फतेहगढ़ के परेड ग्राउंड में पुलिस अधीक्षक फतेहगढ़ की अध्यक्षता में “Crime Scene Management and Evidence Based Investigation” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का आयोजन फील्ड यूनिट फतेहगढ़ द्वारा किया गया।

कार्यशाला का उद्देश्य घटनास्थल को सुरक्षित रखने, विवेचनाओं को अधिक वैज्ञानिक, साक्ष्यपरक एवं गुणवत्तापूर्ण बनाने तथा अपराधों के सफल अनावरण में वैज्ञानिक साक्ष्यों के प्रभावी उपयोग को बढ़ावा देना रहा। 

कार्यशाला में जनपद के समस्त क्षेत्राधिकारी, प्रभारी निरीक्षक/थानाध्यक्ष, विवेचक एवं संबंधित पुलिस कर्मचारियों ने प्रतिभाग किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को Crime Scene को सुरक्षित एवं संरक्षित रखने, घटनास्थल की वैज्ञानिक ढंग से जांच करने तथा घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्यों का प्रभावी एवं वैज्ञानिक तरीके से संकलन करने की जानकारी दी गई।

इसके साथ ही साक्ष्यों की पैकेजिंग एवं संरक्षण तथा Chain of Custody बनाए रखने के संबंध में महत्वपूर्ण एवं व्यावहारिक जानकारी प्रदान की गई। 

कार्यशाला में Evidence Based Investigation की अवधारणा पर विशेष जोर दिया गया। बताया गया कि आपराधिक घटना की विवेचना में उपलब्ध वैज्ञानिक एवं भौतिक साक्ष्यों का व्यवस्थित रूप से संकलन, परीक्षण और विवेचना में समुचित उपयोग आवश्यक है।

पुलिसकर्मियों को घटनास्थल से प्राप्त फिंगरप्रिंट, जैविक साक्ष्य, डिजिटल साक्ष्य, दस्तावेजी एवं अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित रखने तथा उनके आधार पर विवेचना को तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाने के संबंध में जानकारी दी गई। विभिन्न घटनाओं के Crime Scene तैयार कर महत्वपूर्ण साक्ष्यों के प्रभावी एवं वैज्ञानिक तरीके से संकलन की प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया।

कार्यशाला के दौरान NAFIS (National Automated Fingerprint Identification System) के कर्मियों द्वारा भी अपनी कार्यप्रणाली के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। NAFIS के माध्यम से फिंगरप्रिंट/अंगुलिचिह्नों के संकलन, रिकॉर्डिंग, डिजिटाइजेशन एवं उपलब्ध डेटाबेस के माध्यम से मिलान की प्रक्रिया के बारे में बताया गया।

साथ ही अपराध स्थल से प्राप्त अंगुलिचिह्नों को वैज्ञानिक तरीके से सुरक्षित एवं उपयोगी स्वरूप में प्राप्त करने तथा संदिग्ध/अज्ञात व्यक्तियों की पहचान में फिंगरप्रिंट तकनीक के प्रभावी उपयोग से संबंधित व्यावहारिक जानकारी भी साझा की गई।