इटावा : मांगे स्वीकार न करने पर कचहरी पर बेमियादी आंदोलन का संकल्प लिया गया।
15 दिसम्बर से दिन-रात ठंड और कोहरे की परवाह न करते हुए 6 दिनी आंदोलन एक पडाव है। लडाई को मंजिल तक पहुंचाना हैं। शासन की घोर उपेक्षा आंदोलन के शुरू में सरकारें करती है, बाद में उन्हें झुकना पडता है। दिल्ली का एतिहासिक आंदोलन इसका ताजा उदाहरण है। ताखा क्षेत्र ने आजादी के आंदोलन में शहादत दी थी। श्री ज